शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। यह मुलाकात आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के बीच हुई है।

  • पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत हुई।
  • SCO ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंडों को खारिज करने की घोषणा की।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिरता पर चर्चा केंद्रित रही।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी ने वैश्विक कूटनीति के केंद्र में भारत की भूमिका को फिर से रेखांकित किया है। इन नेताओं के बीच हाथ मिलाने के क्षण ने न केवल मीडिया का ध्यान खींचा, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन के प्रति एक शक्तिशाली संदेश भी दिया।

इस शिखर सम्मेलन के दौरान, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'दोहरे मापदंडों' को अस्वीकार्य बताते हुए एक महत्वपूर्ण SCO घोषणा की गई। भारत ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह घोषणा वैश्विक सुरक्षा ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक क्रम का संकेत है। जब दुनिया पश्चिम और पूर्व के बीच विभाजित हो रही है, तब SCO जैसे मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि एशिया की आवाज वैश्विक निर्णयों में शामिल हो।

SCO का यह मंच वैश्विक आतंकवाद के विरुद्ध एक एकजुट मोर्चा खड़ा करने की क्षमता रखता है।

शिखर सम्मेलन के इतर, रूस और चीन के बीच वीजा-मुक्त यात्रा और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वहीं, ईरान पर हुए हमलों की निंदा करते हुए SCO ने क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। भारत की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में एक निर्णायक खिलाड़ी बना रहेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और यह धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में से एक बन गया है। भारत और पाकिस्तान के शामिल होने के बाद, इस संगठन का महत्व सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के मामले में कई गुना बढ़ गया है।

Did You Know?: SCO दुनिया की लगभग 40% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, जो इसे एक अत्यंत प्रभावशाली भू-राजनीतिक शक्ति बनाता है।

Frequently Asked Questions

1. SCO शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।

2. आतंकवाद पर SCO का क्या रुख है?
SCO ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे और इसे पूरी तरह से खत्म करने की आवश्यकता है।