हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ईरान की आक्रामक गतिविधियों के खिलाफ एक 'शक्तिशाली' जवाबी कार्रवाई बताया है।

  • अमेरिकी सेना ने ईरान के IRGC ठिकानों पर लक्षित हमले किए हैं।
  • यह कार्रवाई हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी कर्मियों पर हमलों के जवाब में की गई है।
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने जवाबी हमला किया, तो प्रतिक्रिया और भी भीषण होगी।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को पुष्टि की कि अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के भीतर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। यह कार्रवाई हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के तुरंत बाद की गई है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इन हमलों को "बड़े और शक्तिशाली" बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में समुद्री बारूद (sea mines) बिछाने के प्रयास और जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर किए गए मिसाइल हमले का सीधा जवाब है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि तेहरान ने कोई भी जवाबी कदम उठाया, तो अमेरिका "बहुत कठिन और उच्च स्तर" पर प्रहार करेगा।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा ले जाता है। यदि यहाँ युद्ध का स्तर बढ़ता है, तो वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है।

हॉर्मुज़ में बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

हालिया घटनाक्रमों के अनुसार, रविवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप पर स्थित रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था, क्योंकि CENTCOM को सूचना मिली थी कि ईरानी सेना जलडमरूमध्य में समुद्री बारूद ले जाने वाले रॉकेट दागने की तैयारी कर रही है। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अपने क्षेत्रीय जल क्षेत्र में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने की सूचना दी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दशकों से भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। ईरान अक्सर इस रणनीतिक जलमार्ग को एक हथियार के रूप में उपयोग करने की धमकी देता है ताकि पश्चिमी देशों पर दबाव बनाया जा सके। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का यह दौर पिछले कुछ महीनों में सबसे अधिक तीव्र हो गया है, जिससे मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है।

Did You Know?: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा चोकपॉइंट है, जिससे हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है।

Frequently Asked Questions

1. अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले के जवाब में यह कार्रवाई की है।

2. इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है?
हॉर्मुज़ से गुजरने वाले तेल की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है।