वेस्ट बैंक में इजरायली सेना और बसने वालों ने दो मस्जिदों को निशाना बनाया, जिसमें एक मस्जिद में आंसू गैस छोड़ी गई और दूसरी में आग लगाने का प्रयास किया गया।

  • इजरायली सेना ने नब्लस के पास मदमा मस्जिद में आंसू गैस के गोले दागे।
  • बज़रिया में बसने वालों ने नूर अल-दीन ज़ंकी मस्जिद को आग लगाने की कोशिश की।
  • 2023 के बाद से मस्जिदों पर हमलों की दर में तीन गुना वृद्धि हुई है।
  • फिलिस्तीनी धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने इसे 'आपराधिक हमला' करार दिया है।

वेस्ट बैंक के कब्जे वाले क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों पर हिंसा की घटनाओं में भारी उछाल आया है। मंगलवार को, इजरायली सेना ने नब्लस के पास स्थित मदमा गांव की एक मस्जिद में आंसू गैस के गोले दागे, जिससे इबादत कर रहे बुजुर्ग और अन्य श्रद्धालु दम घुटने से बेहाल हो गए। फुटेज में देखा जा सकता है कि लोग खांस रहे हैं और सहायता के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

मदमा की घटना से कुछ घंटे पहले ही, बज़रिया शहर में बसने वालों ने नूर अल-दीन ज़ंकी मस्जिद को निशाना बनाया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मस्जिद के भीतर एक छोटा विस्फोट हुआ जिससे आग लग गई, जिसे बाद में नियंत्रित किया गया। मस्जिद की दीवारों पर हिब्रू भाषा में अपमानजनक नारे लिखे पाए गए हैं, जिनमें अमेरिकी राजदूत माइक हकेबी को भी निशाना बनाया गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि धार्मिक स्थलों पर ये हमले केवल स्थानीय हिंसा नहीं हैं, बल्कि एक व्यापक धार्मिक युद्ध की ओर संकेत कर रहे हैं। मस्जिदों पर हमलों की आवृत्ति 2017-2022 के औसत (4 प्रति वर्ष) से बढ़कर अब 10 प्रति वर्ष से अधिक हो गई है, जो कि 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से तीन गुना बढ़ गई है।

धार्मिक स्थलों पर बढ़ते ये हमले पूरे क्षेत्र में एक बड़े धार्मिक संघर्ष को भड़काने का जोखिम पैदा कर रहे हैं।

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के कार्यालय ने एक बयान जारी कर चेतावनी दी है कि इजरायली बलों और बसने वालों द्वारा धार्मिक स्थलों पर किए जा रहे ये व्यवस्थित हमले 'सभी लक्ष्मण रेखाओं' को पार कर चुके हैं। इससे न केवल वेस्ट बैंक, बल्कि अल-अक्सा मस्जिद जैसे संवेदनशील स्थलों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष अब तक वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा के कारण कम से कम 76 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। मंगलवार को हुई हिंसा में इजरायली सेना ने न केवल मस्जिदों को निशाना बनाया, बल्कि जैनिन के पास जैतून के पेड़ भी उखाड़ दिए और कई घरों को ढहाने के नोटिस जारी किए।

Did You Know?: 2023 के बाद से वेस्ट बैंक में मस्जिदों पर होने वाले हमलों की संख्या में 300% की वृद्धि दर्ज की गई है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: हालिया हमलों में कौन सी मस्जिदें प्रभावित हुईं?
उत्तर: मदमा में स्थित मस्जिद और बज़रिया की नूर अल-दीन ज़ंकी मस्जिद मुख्य रूप से प्रभावित हुईं।

प्रश्न 2: हमलों के पीछे क्या कारण बताए जा रहे हैं?
उत्तर: फिलिस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, ये इजरायली सेना और बसने वालों द्वारा धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का एक व्यवस्थित प्रयास है।