भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बिश्केक घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर सदस्य देशों के दोहरे रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

  • भारत ने SCO बिश्केक घोषणा के प्रमुख परिणामों का समर्थन किया।
  • आतंकवाद के खिलाफ 'दोहरे मापदंड' अपनाने पर भारत ने कड़ी चेतावनी दी।
  • SCO ने एक नए आतंकवाद विरोधी सुरक्षा केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के हालिया शिखर सम्मेलन के बाद, भारत ने संगठन द्वारा जारी 'बिश्केक घोषणा' पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत ने घोषणा में शामिल 13 प्रमुख परिणामों का स्वागत किया है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। हालांकि, भारत का रुख आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त और स्पष्ट रहा है।

भारतीय प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक और क्षेत्रीय लड़ाई में किसी भी प्रकार के 'दोहरे मापदंड' (Double Standards) को स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत ने संकेत दिया कि कुछ देश आतंकवाद के कुछ रूपों को नजरअंदाज करते हैं या उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करते हैं, जो कि वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा खतरा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि SCO के भीतर भारत का यह रुख न केवल उसकी सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है, बल्कि यह मध्य एशिया में बढ़ते उग्रवाद को नियंत्रित करने के लिए एक रणनीतिक दबाव भी बनाता है। आतंकवाद विरोधी सुरक्षा केंद्र की स्थापना का निर्णय भारत की निरंतर वकालत का परिणाम माना जा रहा है।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में स्पष्टता और बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली चेतावनियों और भारत के कड़े रुख के बाद, SCO ने एक नए आतंकवाद विरोधी सुरक्षा केंद्र (Anti-Terror Security Centre) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह केंद्र सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद से निपटने के लिए तकनीकी सहयोग बढ़ाने में मदद करेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

SCO की स्थापना 2001 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाना है। भारत ने 2017 में इसकी पूर्ण सदस्यता प्राप्त की थी, जिसके बाद से भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद और कट्टरपंथ के मुद्दों को मंच पर उठाता रहा है।

Did You Know?: SCO दुनिया के लगभग 40% निवासियों का प्रतिनिधित्व करता है और यह एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक शक्ति है।

Frequently Asked Questions

1. भारत ने SCO की घोषणा पर क्या आपत्ति जताई?
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सदस्य देशों द्वारा अपनाए जाने वाले दोहरे मापदंडों पर आपत्ति जताई है।

2. नया आतंकवाद विरोधी केंद्र क्या करेगा?
यह केंद्र सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद विरोधी अभियानों में समन्वय स्थापित करेगा।