संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस महीने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आएंगे। इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की भी प्रबल संभावना है।

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  • UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
  • भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जिसका थीम 'मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास' है।
  • रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है।
  • यह सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।

नई दिल्ली में आयोजित होने वाला 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक कूटनीति के केंद्र में रहने वाला है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पुष्टि की है कि वह इस महीने भारत के दौरे पर आएंगे और नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन में हिस्सा लेंगे। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, और गुटेरेस की उपस्थिति इस सम्मेलन के वैश्विक महत्व को और अधिक बढ़ा देती है।

यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो इसे और भी ऐतिहासिक बनाता है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' (मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास) को मुख्य विषय चुना है। भारत अब तक चार बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है, और यह पांचवीं बार है जब देश इस महत्वपूर्ण मंच का नेतृत्व कर रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गुटेरेस की उपस्थिति केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक संघर्षों, विशेष रूप से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिक्स देशों और संयुक्त राष्ट्र के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण सेतु है। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को पुनर्गठित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

एंटोनियो गुटेरेस की भागीदारी यह दर्शाती है कि ब्रिक्स अब केवल एक क्षेत्रीय समूह नहीं, बल्कि वैश्विक नीति निर्धारण में एक निर्णायक शक्ति बन चुका है।

सम्मेलन को लेकर राजनयिक हलचल तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के दिल्ली पहुंचने की पूरी संभावना है। हालांकि, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यात्रा को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन उनके आने की संभावनाएं भी काफी प्रबल हैं।

भारत की अध्यक्षता के दौरान अब तक 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों का उद्देश्य आर्थिक, वित्तीय और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना है। भारत का ध्यान ऐसे निर्णयों पर है जो विकासशील देशों के बीच वास्तविक सहयोग को बढ़ावा दे सकें।

Did You Know?: भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी और यह इस संगठन के 20 साल पूरे होने का विशेष वर्ष है।

Frequently Asked Questions

1. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?
यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है।

2. इस वर्ष ब्रिक्स की थीम क्या है?
इस वर्ष की थीम 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' है।