विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कीव में स्पष्ट किया कि रूसी तेल की खरीद बंद करने से युद्ध समाप्त नहीं होगा। उन्होंने शांति के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।
- एस जयशंकर ने यूक्रेन में कहा कि केवल तेल प्रतिबंधों से युद्ध खत्म नहीं होगा।
- भारत ने युद्ध समाप्त करने के लिए 'संवाद और कूटनीति' का समर्थन किया।
- प्रधानमंत्री मोदी के 'अनंत युद्ध से युद्ध के अंत तक' के आह्वान को दोहराया गया।
- ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई गई।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ऐतिहासिक यूक्रेन दौरे के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश दिया है। कीव में मीडिया से बातचीत करते हुए, उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस से तेल की खरीद को रोकना इस संघर्ष को 'घुलने' या समाप्त करने का समाधान नहीं है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान केवल संवाद, कूटनीति और बातचीत के माध्यम से ही निकाला जा सकता है।
कूटनीतिक संतुलन और भारत का रुख
जयशंकर का यह दौरा एक अत्यंत संवेदनशील समय पर हो रहा है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी शिखर सम्मेलनों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने वाले हैं, वहीं दूसरी ओर जयशंकर ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात की। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत अपनी 'रणनीतिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) को बनाए रखते हुए दोनों पक्षों के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा का बचाव करते हुए कहा कि 1.4 अरब लोगों के लिए ईंधन सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने यूक्रेन के रुख का सम्मान करते हुए यह भी कहा कि भारत भी अपने हितों के प्रति समान सम्मान की अपेक्षा रखता है।
यह संघर्ष तेल या खनिजों की खरीद से नहीं, बल्कि मेज पर बैठकर की गई बातचीत से सुलझेगा।
ब्लैक सी संकट और भारतीय नाविकों की सुरक्षा
बैठक के दौरान, जयशंकर ने ब्लैक सी (काला सागर) में वाणिज्यिक शिपिंग पर बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष के कारण भारतीय नाविकों की जान भी गई है। उन्होंने वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों पर पड़ने वाले प्रभावों, जैसे खाद्य और उर्वरक की कमी, का भी उल्लेख किया।
Why This Matters
भारत का यह रुख वैश्विक भू-राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण है। भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि वह शांति के लिए एक 'ब्रिजिंग पावर' के रूप में भी उभर रहा है। यह वैश्विक शक्ति संतुलन को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Frequently Asked Questions
1. जयशंकर ने यूक्रेन दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या बताया?
मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करना और युद्ध को समाप्त करने के लिए शांतिपूर्ण समाधानों पर चर्चा करना था।
2. भारत रूस से तेल क्यों खरीद रहा है?
भारत अपनी 1.4 अरब की आबादी के लिए ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रूसी तेल खरीद रहा है।