यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने खुलासा किया है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के कीव दौरे के दौरान रूस ने ड्रोन हमला किया था। यूक्रेनी वायुसेना की मुस्तैदी से भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित बचा।
- विदेश मंत्री एस जयशंकर की कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की से महत्वपूर्ण मुलाकात हुई।
- मुलाकात के दौरान ही रूस ने यूक्रेन पर ईरानी शाहेद ड्रोन से हमला किया।
- यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने ड्रोन को मार गिराया, जिससे भारतीय दल सुरक्षित रहा।
- जयशंकर ने युद्ध शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता और मानवीय सहायता पर जोर दिया।
यूक्रेन की राजधानी कीव में एक बेहद तनावपूर्ण स्थिति तब उत्पन्न हो गई जब भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के आधिकारिक दौरे के दौरान रूस ने ड्रोन हमले का प्रयास किया। राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल कीव में मौजूद था, तभी रूस ने ईरानी निर्मित शाहेद (Shahed) ड्रोन्स से हमला किया। हालांकि, यूक्रेनी वायुसेना के लड़ाकू विमानों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के कारण इन ड्रोन्स को मार गिराया गया, जिससे भारतीय दल पूरी तरह सुरक्षित रहा।
इस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भारत के रुख की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह युद्ध का समय नहीं, बल्कि शांति का समय है, और भारत का यह स्पष्ट संदेश वैश्विक शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जयशंकर ने भी स्पष्ट किया कि भारत युद्ध समाप्त कराने के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, जयशंकर की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक भू-राजनीति में भारत की 'मध्यस्थ शक्ति' (Mediator Power) के रूप में उभरती भूमिका को दर्शाती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत का कीव जाना और वहां सुरक्षा जोखिमों के बावजूद शांति वार्ता पर जोर देना, नई दिल्ली की रणनीतिक स्वायत्तता का प्रमाण है।
'यह स्पष्ट है कि भारत अब केवल एक दर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक संघर्षों को सुलझाने वाला एक निर्णायक खिलाड़ी बन रहा है।'
विदेश मंत्री ने यूक्रेन के साथ बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि युद्ध और रसद (logistics) की चुनौतियों के बावजूद, भारत और यूक्रेन के बीच दवाइयों, कृषि उत्पादों और उर्वरकों का व्यापार मजबूती से जारी है। भारत अब तक यूक्रेन को 19 खेप मानवीय सहायता भेज चुका है।
जेलेंस्की ने काला सागर (Black Sea) में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे रूसी हमलों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुनिया की बड़ी शक्तियों को एकजुट होने का आह्वान किया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जयशंकर की कीव यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: मुख्य उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा करना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था।
प्रश्न 2: क्या भारतीय प्रतिनिधिमंडल को ड्रोन हमले से नुकसान पहुंचा?
उत्तर: नहीं, यूक्रेनी वायुसेना ने ड्रोन को मार गिराया और भारतीय दल पूरी तरह सुरक्षित रहा।