संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान संस्था (WMO) ने चेतावनी दी है कि अल नीनो इस दशक की सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक हो सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और सूखे का खतरा बढ़ जाएगा।

  • अल नीनो इस दशक की सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक होने का अनुमान है।
  • यह घटना 2027 तक जलवायु प्रभावों को बनाए रख सकती है।
  • समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3.6°C अधिक होने का अनुमान है।
  • दुनिया 'चरम मौसम के खतरे के क्षेत्र' में प्रवेश कर चुकी है।

जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र की जलवायु एजेंसी, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने गुरुवार को एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अल नीनो पिछले चार दशकों में दर्ज की गई सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक हो सकता है। WMO की महासचिव सेलेस्ट साउलो ने कहा कि दुनिया वर्तमान में 'चरम मौसम के खतरे के क्षेत्र' में है, जहाँ मौसम का मिजाज अनिश्चित और विनाशकारी हो सकता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, अल नीनो की तीव्रता आने वाले महीनों में बढ़ेगी और यह फरवरी 2026 तक बना रह सकता है। हालांकि यह एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जीवाश्म ईंधन के जलने से बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग इस प्राकृतिक घटना को और अधिक घातक बना रही है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अल नीनो केवल तापमान नहीं बढ़ाता, बल्कि यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा, जल आपूर्ति और ऊर्जा प्रणालियों के लिए एक बड़ा खतरा है। समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से वायुमंडल में गर्मी का संचार होता है, जिससे दुनिया भर में वर्षा के पैटर्न में भारी बदलाव आते हैं।

"अल नीनो हमारी आंखों के सामने और भी विशाल और खतरनाक होता जा रहा है," संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा।

WMO के जलवायु भविष्यवाणी प्रमुख विल्फ्रान मुफौमा-ओकिया ने बताया कि समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 2.2°C से 2.6°C अधिक दर्ज किया गया है, और यह 3.6°C तक पहुंच सकता है। यह स्तर 1997-98 और 2015-16 के ऐतिहासिक अल नीनो की तुलना में कहीं अधिक है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अल नीनो एक चक्रीय घटना है जो आमतौर पर हर दो से सात साल में होती है। यह मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के सतही तापमान को गर्म कर देती है। इसके विपरीत 'ला नीना' की स्थिति होती है, जो ठंडी लहरें लाती है।

विशेषतासामान्य स्थितिअल नीनो (अनुमानित)
समुद्र का तापमानसामान्य+3.6°C तक वृद्धि
मौसम का प्रभावस्थिरबाढ़, सूखा और अत्यधिक गर्मी
अवधिनियमित चक्रफरवरी तक जारी रहने की संभावना
Did You Know?: अल नीनो के कारण 2024 को अब तक का सबसे गर्म वर्ष दर्ज किया गया था, और इस बार यह रिकॉर्ड टूट सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या अल नीनो जलवायु परिवर्तन के कारण होता है?
नहीं, यह एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन जलवायु परिवर्तन इसकी तीव्रता को बढ़ा देता है।

2. इसका भारत और अन्य देशों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे कहीं अधिक सूखा और कहीं अत्यधिक भारी बारिश (बाढ़) की स्थिति बन सकती है।