अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ड्रोन और उनके घटकों पर भारी आयात शुल्क लागू कर दिया है। भारी और थर्मल इमेजिंग वाले ड्रोनों पर 100% तक का शुल्क लगाया गया है, जिसका सीधा असर चीनी कंपनियों पर पड़ेगा।
- भारी ड्रोनों (25 किलो से अधिक) और थर्मल इमेजिंग वाले ड्रोनों पर 100% आयात शुल्क।
- छोटे ड्रोनों पर 25% का शुल्क लागू किया गया है।
- लक्ष्य: चीन पर निर्भरता कम करना और अमेरिकी घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना।
- DJI जैसी चीनी कंपनियों को सबसे बड़ा झटका।
वाशिंगटन ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक और सुरक्षा संबंधी कदम उठाते हुए, गुरुवार (3 सितंबर, 2026) से ड्रोन और उनके विशिष्ट घटकों पर भारी आयात शुल्क लागू कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश का मुख्य उद्देश्य उस उद्योग में चीन के प्रभुत्व को कम करना है, जहां अमेरिका अपनी आयात निर्भरता को लेकर चिंतित है।
नए नियमों के तहत, 25 किलोग्राम से अधिक वजन वाले ड्रोन, थर्मल इमेजिंग क्षमताओं वाले ड्रोन और डॉकिंग स्टेशन वाले उपकरणों पर 100% का भारी शुल्क लगाया गया है। वहीं, छोटे आकार के उपभोक्ता ड्रोनों पर 25% का शुल्क लागू होगा। यह कदम व्हाइट हाउस द्वारा ड्रोन आयात से उत्पन्न होने वाले "राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे" की चेतावनी के बाद उठाया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक व्यापारिक निर्णय नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक भू-राजनीतिक कदम है। चीन की कंपनी DJI, जो वैश्विक ड्रोन बाजार के दो-तिहाई हिस्से पर नियंत्रण रखती है, इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित होगी। अमेरिका का उद्देश्य घरेलू तकनीक को बढ़ावा देना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यह कदम वैश्विक ड्रोन आपूर्ति श्रृंखला में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जो तकनीकी वर्चस्व की नई लड़ाई को दर्शाता है।
चीन ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये शुल्क "वैश्विक ड्रोन आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करेंगे और एक निष्पक्ष बाजार वातावरण को कमजोर करेंगे"। बीजिंग ने वाशिंगटन से इन शुल्कों को वापस लेने का आग्रह किया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वर्ष 2022 से ही, DJI जैसी चीनी कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में रखा जा रहा है, क्योंकि उन पर चीनी सैन्य शक्ति के साथ जुड़े होने का आरोप है। हालांकि DJI ने इन आरोपों का खंडन किया है, लेकिन अमेरिका की सुरक्षा नीतियां अब और अधिक सख्त होती जा रही हैं।
| ड्रोन का प्रकार | लागू शुल्क (Tariff) |
|---|---|
| 25kg से अधिक वजन वाले ड्रोन | 100% |
| थर्मल इमेजिंग/डॉकिंग स्टेशन वाले ड्रोन | 100% |
| छोटे/उपभोक्ता ड्रोन | 25% |
Frequently Asked Questions
1. अमेरिका ने यह शुल्क क्यों लगाया है?
मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं और चीन पर तकनीकी निर्भरता कम करने के लिए।
2. क्या सभी ड्रोन घटकों पर शुल्क लगेगा?
सभी पर नहीं; कम संवेदनशील घटकों पर शुल्क अगले साल 9 फरवरी से लागू होगा।