वेस्ट बैंक में इज़राइली महिलाओं का एक नया समूह 'हिलटॉप गर्ल्स' के रूप में उभरा है, जो हिंसा के बजाय 'सॉफ्ट सेटलमेंट' के जरिए फिलिस्तीनी भूमि पर कब्ज़ा कर रहे हैं। यह समूह सामाजिक कार्यों के मुखौटे के पीछे एक बड़े भू-राजनीतिक एजेंडे को अंजाम दे रहा है।
- 'हिलटॉप गर्ल्स' एक कट्टरपंथी धार्मिक ज़ायोनी आंदोलन का हिस्सा हैं जो वेस्ट बैंक के पहाड़ी इलाकों में बस रहे हैं।
- वे हिंसा के बजाय 'सॉफ्ट सेटलमेंट' की रणनीति अपनाते हैं, जिसमें घरेलू गतिविधियों के माध्यम से भूमि कब्ज़े को वैध बनाने का प्रयास किया जाता है।
- इज़राइली सरकार और सेना द्वारा इन अवैध बस्तियों को रसद, बिजली और सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
वेस्ट बैंक के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में रहने वाली इज़राइली महिलाओं का एक नया समूह, जिसे 'हिलटॉप गर्ल्स' कहा जा रहा है, एक बेहद सूक्ष्म लेकिन प्रभावी रणनीति के साथ ज़मीन हथियाने का काम कर रहा है। ये महिलाएं नागरिक जीवन और शिक्षा को त्यागकर बुनियादी तंबुओं में रहने के लिए तैयार हैं, ताकि वे फिलिस्तीनी भूमि पर इज़राइल का विस्तार कर सकें।
यह आंदोलन मूल रूप से 1998 में उभरे कट्टरपंथी 'हिलटॉप यूथ' का एक नया और महिला-केंद्रित संस्करण है। जहाँ 'हिलटॉप यूथ' अक्सर हिंसक हमलों और सैन्य झड़पों के लिए कुख्यात रहे हैं, वहीं 'हिलटॉप गर्ल्स' ने अपनी छवि को एक सामान्य, परिवार-उन्मुख सामाजिक परियोजना के रूप में पेश किया है। वे सोशल मीडिया का उपयोग करके यह दिखाने की कोशिश करती हैं कि वे केवल खाना बनाती हैं और कपड़े धोती हैं, जबकि वास्तव में उनका उद्देश्य 'ग्रेटर इज़राइल' के सपने को साकार करना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह रणनीति अंतरराष्ट्रीय कानून को दरकिनार करने का एक नया तरीका है। हथियारों के बजाय 'घरेलू जीवन' का उपयोग करके, ये समूह वैश्विक आलोचना से बचने और अपनी उपस्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास करते हैं। यह फिलिस्तीनी भूमि के व्यवस्थित अधिग्रहण का एक नया मॉडल है जो भविष्य के किसी भी शांति समझौते की संभावना को समाप्त कर रहा है।
'हिलटॉप गर्ल्स' की रणनीति हिंसा को एक सामाजिक ढांचे के नीचे छिपाने की कोशिश है, जिससे भूमि कब्ज़ा अधिक स्थायी और स्वीकार्य बन सके।
माओज़ एस्तेर और ओर अहुविया जैसे आउटपोस्ट इस विस्तार के प्रमुख उदाहरण हैं। माओज़ एस्तेर, जो कभी एक छोटा युवा आउटपोस्ट था, अब 17 परिवारों और 50 से अधिक बच्चों का घर बन चुका है। इसी तरह, ओर अहुविया का लक्ष्य एक विशाल बस्ती ब्लॉक बनाना है जो भविष्य में हजारों परिवारों को समाहित कर सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इस आंदोलन की जड़ें 1990 के दशक के अंत में हैं, जब तत्कालीन इज़राइली विदेश मंत्री एरियल शरोन ने युवाओं को वेस्ट बैंक की पहाड़ियों पर कब्जा करने के लिए प्रोत्साहित किया था। यह रणनीति अंतिम स्थिति की वार्ताओं से पहले ज़मीनी हकीकत बदलने के लिए शुरू की गई थी।
हैरानी की बात यह है कि इज़राइली राज्य इन अवैध बस्तियों को पूरी तरह से समर्थन दे रहा है। B’Tselem के अनुसार, इन बस्तियों को पानी, बिजली और सड़क नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं इज़राइली नागरिक प्रशासन द्वारा प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा, सरकार इन समूहों को भोजन और कपड़ों के लिए लगभग 40 मिलियन डॉलर की सब्सिडी भी दे रही है।
| विशेषता | हिलटॉप यूथ (पारंपरिक) | हिलटॉप गर्ल्स (नया मॉडल) |
|---|---|---|
| मुख्य तरीका | हिंसा और सैन्य झड़प | सॉफ्ट सेटलमेंट और सोशल मीडिया |
| दृश्य छवि | हथियारबंद और आक्रामक | घरेलू और परिवार-उन्मुख |
| उद्देश्य | क्षेत्रीय कब्ज़ा | क्षेत्रीय कब्ज़ा और सामाजिक वैधता |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'सॉफ्ट सेटलमेंट' क्या है?
उत्तर: यह ज़मीन हथियाने की एक ऐसी विधि है जिसमें सैन्य बल के बजाय घरेलू और सामाजिक गतिविधियों का उपयोग करके बस्तियों को वैध दिखाने का प्रयास किया जाता है।
प्रश्न 2: क्या इज़राइल इन बस्तियों का समर्थन करता है?
उत्तर: हाँ, रिपोर्टों के अनुसार इज़राइली सरकार इन आउटपोस्ट को बुनियादी सुविधाएं और वित्तीय सब्सिडी प्रदान करती है।