श्रीलंका के भ्रष्टाचार विरोधी आयोग ने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्ष के बेटे और सांसद नमाल राजपक्ष को 2013 के विवादास्पद एयरबस विमान सौदे के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। यह मामला करोड़ों डॉलर की रिश्वतखोरी से जुड़ा है।

  • सांसद नमाल राजपक्ष को भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (CIABOC) ने गिरफ्तार किया।
  • मामला 2013 के $2.3 बिलियन के एयरबस विमान खरीद सौदे से संबंधित है।
  • आरोप है कि यूरोपीय निर्माता ने सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी थी।
  • पूर्व श्रीलंका एयरलाइंस प्रमुख की संदिग्ध मौत ने मामले को और गहरा कर दिया है।

श्रीलंका के राजनीतिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब देश के मुख्य भ्रष्टाचार विरोधी निकाय, कमीशन टू इन्वेस्टिगेट एलिगेशन्स ऑफ ब्राइबरी और करप्शन (CIABOC) ने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्ष के बेटे और सांसद नमाल राजपक्ष को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 2013 के बहुचर्चित एयरबस विमान खरीद सौदे में भ्रष्टाचार की जांच के हिस्से के रूप में की गई है।

नमाल राजपक्ष, जो कभी बेहद शक्तिशाली राजपक्ष परिवार के उत्तराधिकारी माने जाते थे, को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया और अब उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। उनके वकील, निशांता दयानांदा ने पुष्टि की है कि यह गिरफ्तारी $2.3 बिलियन के उस विवादित सौदे के संबंध में है, जिसे 2016 में नई सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह गिरफ्तारी श्रीलंका में शासन की पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। राजपक्ष परिवार, जिसने दशकों तक देश की राजनीति पर वर्चस्व बनाए रखा, अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में है। यह मामला न केवल राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, बल्कि श्रीलंका की अंतरराष्ट्रीय छवि और विदेशी निवेश पर भी असर डाल सकता है।

यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि श्रीलंका की न्याय प्रणाली अब शक्तिशाली राजनीतिक वंशों को चुनौती देने के लिए तैयार है।

जांच का मुख्य केंद्र यह दावा है कि यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस ने विमानों की खरीद के दौरान कुछ धन श्रीलंका के वरिष्ठ अधिकारियों और राजनेताओं को 'किकबैक' के रूप में पहुंचाया था। इस मामले में पूर्व श्रीलंका एयरलाइंस के सीईओ कपिला चंद्रसेना का बयान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, जिन्होंने जांचकर्ताओं को बताया था कि उन्होंने राजपक्ष को लगभग पांच लाख डॉलर की रिश्वत दी थी। हालांकि, चंद्रसेना की मई में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु ने इस मामले में नए रहस्य पैदा कर दिए हैं।

विदेशी जांच एजेंसियों, जिनमें अमेरिकी, ब्रिटिश और फ्रांसीसी अधिकारी शामिल हैं, ने पहले ही पाया था कि एयरबस ने श्रीलंका में लगभग $16 मिलियन की रिश्वत देने पर सहमति व्यक्त की थी। इनमें से $1.7 मिलियन चंद्रसेना के माध्यम से भेजे गए थे। यह पूरा विवाद 10 एयरबस विमानों की खरीद से जुड़ा है, जिसे राजपक्ष के कार्यकाल (2005-2015) के दौरान कैबिनेट की मंजूरी मिली थी।

Did You Know?: श्रीलंका एयरलाइंस वर्तमान में लगभग $2 बिलियन के भारी कर्ज में डूबी हुई है, जिसके कारण इसके निजीकरण के प्रयास बार-बार विफल रहे हैं।

Frequently Asked Questions

1. नमाल राजपक्ष पर क्या आरोप हैं?
उन पर 2013 के एयरबस विमान खरीद सौदे में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के माध्यम से वित्तीय लाभ प्राप्त करने के आरोप हैं।

2. इस मामले का वित्तीय मूल्य क्या है?
यह विवाद $2.3 बिलियन के विमान खरीद सौदे से जुड़ा है, जिसमें करोड़ों डॉलर की रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं।