ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा रेड सी के महत्वपूर्ण मार्ग बाब अल-मंडेब पर नियंत्रण पाने के लिए किए गए हमले में 120 से अधिक लोग मारे गए हैं। यह संघर्ष पिछले कई वर्षों में यमन में सबसे घातक झड़पों में से एक है।

  • हूती विद्रोहियों ने रेड सी के प्रवेश द्वार बाब अल-मंडेब पर नियंत्रण के लिए बड़ा हमला किया।
  • इस भीषण संघर्ष में अब तक 129 लोगों के मारे जाने की खबर है।
  • यह हमला ड्रोन, रॉकेट और जमीनी सेना के समन्वय से किया गया।
  • इस संघर्ष का सीधा असर वैश्विक तेल व्यापार और समुद्री शिपिंग मार्गों पर पड़ सकता है।

यमन में वर्षों से चल रहे गृहयुद्ध ने एक बार फिर हिंसक मोड़ ले लिया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा रेड सी के रणनीतिक प्रवेश द्वार, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल करने के उद्देश्य से किए गए बड़े सैन्य अभियान में 120 से अधिक लोगों की जान चली गई है। सूत्रों के अनुसार, यह संघर्ष पिछले कई वर्षों में यमन में हुई सबसे घातक झड़पों में से एक है।

गुरुवार, 3 सितंबर को शुरू हुई इस लड़ाई में हूतियों ने तटीय क्षेत्रों के पास जमीनी हमला, रॉकेट हमले और ड्रोन हमलों का एक समन्वित अभियान चलाया। हूतियों का मुख्य लक्ष्य सरकार के नियंत्रण वाले मोखा (Mokha) बंदरगाह को काटना और रेड सी के उस संकीर्ण मार्ग पर कब्जा करना है, जो वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संघर्ष केवल यमन की आंतरिक लड़ाई नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक आर्थिक प्रभाव भी है। बाब अल-मंडेब दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग लेन में से एक है। यदि हूती इस क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेते हैं, तो वे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को बंधक बनाने की क्षमता रखेंगे।

बाब अल-मंडेब पर नियंत्रण पाने का मतलब है वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के केंद्र पर कब्जा करना।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि हूतियों ने रेड सी और ताइज़ (Taiz) शहर के पास ऊंचाई वाले स्थानों पर कब्जा कर लिया है। इन ऊंचाइयों से वे न केवल सरकारी ठिकानों पर हमला कर सकते हैं, बल्कि गुजरने वाले जहाजों को भी निशाना बना सकते हैं। मारे गए लोगों में सरकारी सेना के सैनिक और हूती लड़ाके दोनों शामिल हैं, साथ ही एक नागरिक की मौत की भी खबर है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यमन पिछले एक दशक से अधिक समय से गृहयुद्ध की चपेट में है। जुलाई 2026 में, 2022 के संघर्ष विराम के टूटने के बाद, हूतियों ने सऊदी अरब समर्थित सरकार के खिलाफ अपनी आक्रामकता बढ़ा दी है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को रोकने के बाद, बाब अल-मंडेब अब सऊदी अरब से तेल निर्यात के लिए एक वैकल्पिक और महत्वपूर्ण मार्ग बन गया है।

Did You Know?: बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य इतना संकरा है कि यहां से गुजरने वाले जहाज आसानी से लक्षित किए जा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: हूती विद्रोहियों का मुख्य लक्ष्य क्या है?
उत्तर: हूतियों का लक्ष्य बाब अल-मंडेब और मोखा बंदरगाह पर नियंत्रण प्राप्त करना है ताकि वे वैश्विक व्यापार मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकें और बातचीत की मेज पर अधिक शक्ति के साथ बैठ सकें।

प्रश्न 2: इस संघर्ष का वैश्विक प्रभाव क्या होगा?
उत्तर: इससे रेड सी में समुद्री व्यापार बाधित हो सकता है, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आ सकता है।