मिसौरी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समर्थित नए चुनावी जिलों के उपयोग पर रोक लगा दी है और अब इस पर जनता द्वारा मतदान कराया जाएगा। रिपब्लिकन नेतृत्व ने इसे एक 'संवैधानिक संकट' करार दिया है।
- मिसौरी सुप्रीम कोर्ट ने नए कांग्रेस जिलों के उपयोग पर रोक लगा दी है।
- जनता अब जनमत संग्रह (Referendum) के जरिए तय करेगी कि नया मैप लागू होगा या नहीं।
- रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल ने इस फैसले को 'संवैधानिक संकट' बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही है।
मिसौरी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक और सर्वसम्मत फैसले में, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समर्थित नए कांग्रेस जिलों के उपयोग पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि नवंबर में होने वाले आगामी चुनावों में इन नए जिलों का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके बजाय, राज्य के मतदाताओं को यह तय करने का अधिकार दिया गया है कि वे इन नए चुनावी सीमाओं को स्वीकार करेंगे या अस्वीकार करेंगे।
यह निर्णय रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो मिसौरी में अतिरिक्त सीटें जीतकर हाउस में अपनी अल्पमत बहुमत को मजबूत करना चाहती थी। रिपब्लिकन नेतृत्व ने पिछले साल नए जिलों के पुनर्गठन के लिए विशेष सत्र भी बुलाया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल चुनावी सीमाओं का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनमत संग्रह के अधिकार का है। यदि यह फैसला बरकरार रहता है, तो यह अन्य राज्यों में भी चुनावी मानचित्रों को चुनौती देने के लिए एक मिसाल बन सकता है। यह विवाद सीधे तौर पर मतदाताओं की शक्ति बनाम विधायिका की शक्ति के बीच संघर्ष को दर्शाता है।
"यह फैसला अमेरिकी इतिहास में अभूतपूर्व है, जहाँ प्राथमिक चुनाव के बाद और सामान्य चुनाव से पहले चुनावी मानचित्र को पलट दिया गया है।" - अटॉर्नी जनरल कैथरीन हनावे।
मामले की जड़ में वह जनमत संग्रह याचिका है, जिस पर 3,00,000 से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर किए थे। रिपब्लिकन सचिव राज्य डेनी हॉस्किन्स ने इस याचिका को खारिज करने की कोशिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके निर्णय को गलत ठहराते हुए कहा कि याचिका कानूनी और समय पर थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अमेरिका में 'रिडिस्ट्रिक्टिंग' (Redistricting) की प्रक्रिया हर दस साल में जनगणना के बाद होती है। राजनीतिक दल अक्सर अपने लाभ के लिए सीमाओं को इस तरह बदलते हैं कि उनके समर्थक क्षेत्रों में अधिक सीटें मिल सकें। मिसौरी में, विशेष रूप से 5वें कांग्रेस जिले को लक्षित किया गया था, जो लंबे समय से डेमोक्रेटिक पार्टी के पास था।
| विशेषता | रिपब्लिकन प्रस्ताव | सुप्रीम कोर्ट का आदेश |
|---|---|---|
| चुनावी मानचित्र | नया पुनर्गठित मैप | पुराना 2020 मैप ही प्रभावी रहेगा |
| निर्णय प्रक्रिया | विधायिका द्वारा पारित | जनता के मतदान (Referendum) द्वारा |
Frequently Asked Questions
1. क्या नवंबर के चुनाव पुराने मैप पर होंगे?
हाँ, कोर्ट के आदेशानुसार 2020 जनगणना के बाद वाला पुराना मैप ही नवंबर 2026 के चुनाव में लागू रहेगा।
2. रिपब्लिकन पार्टी की अगली कार्रवाई क्या होगी?
अटॉर्नी जनरल कैथरीन हनावे ने इस मामले को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ले जाने का निर्णय लिया है।