पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में चलाए गए सघन अभियानों में 48 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों के भीतर की गई है।
- बलूचिस्तान के मस्तुंग, क्वेटा, कलात और सिबी जिलों में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाए गए।
- पिछले 72 घंटों के भीतर कुल 48 आतंकवादियों को मार गिराया गया।
- सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में गोला-बारूद और आईईडी (IED) बरामद कर नष्ट किए।
पाकिस्तान सेना ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए घोषणा की कि बलूचिस्तान प्रांत में चलाए गए विभिन्न सैन्य अभियानों में कम से कम 48 आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, ये ऑपरेशन पिछले दो से तीन दिनों के भीतर मस्तुंग, क्वेटा, कलात और सिबी जिलों में चलाए गए।
सेना ने स्पष्ट किया कि ये कार्रवाई बलूचिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। सुरक्षा बलों ने न केवल आतंकवादियों को निशाना बनाया, बल्कि उनके ठिकानों से भारी मात्रा में गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (IED) भी बरामद किए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
ऑपरेशनों का विस्तृत विवरण
मस्तुंग जिले में शुक्रवार को खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में छह आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया। वहीं, क्वेटा के शबन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 'फ़ितना अल ख्वारिज' (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से संबंधित) के चार ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें 26 आतंकवादी मारे गए।
कलात जिले में दो आतंकवादियों को उनके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मारा गया, जबकि सिबी जिले के भाग क्षेत्र में स्थानीय आबादी की मदद से एक पुलिस स्टेशन पर हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया गया, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए। इससे पहले बुधवार को भी कलात में बलूच उग्रवादी समूहों के 12 आतंकवादियों को मार गिराया गया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पाकिस्तान के सीमावर्ती प्रांतों, विशेष रूप से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। सरकारी बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों ने सेना को अधिक आक्रामक रुख अपनाने के लिए मजबूर किया है।
बलूचिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ यह तीव्र सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में अस्थिरता को नियंत्रित करने के पाकिस्तान के बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब अफगानिस्तान की सीमा से सटे प्रांतों में आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्थानीय उग्रवादी समूहों और धार्मिक चरमपंथियों के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक बलूचिस्तान में शांति बहाल करना कठिन होगा।
Frequently Asked Questions
1. पाकिस्तान सेना ने किन जिलों में ऑपरेशन चलाए?
सेना ने मस्तुंग, क्वेटा, कलात और सिबी जिलों में अभियान चलाए।
2. 'फ़ितना अल ख्वारिज' का क्या अर्थ है?
यह शब्द पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे उग्रवादी समूहों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।