अमेरिकी सैन्य ने मोबाइल और कंप्यूटर उपकरणों पर विज्ञापन ट्रैकर बंद कर दिए, ताकि स्थान डेटा के माध्यम से सैनिकों को लक्षित होने से रोका जा सके। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते खतरों के बीच लिया गया है।

  • सैन्य ने विज्ञापन ट्रैकर बंद करके स्थान डेटा के दुरुपयोग को रोका।
  • विभिन्न शाखाएँ अलग-अलग समय पर ट्रैकर हटाने पर काम कर रही हैं।
  • कांग्रेस के सदस्य इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं।

राष्ट्रपति रोन वायडेन द्वारा जारी पत्रों में बताया गया कि अमेरिकी सैन्य ने हाल ही में विज्ञापन पहचानकर्ताओं (MAID) को बंद कर दिया है ताकि सैनिकों के स्थान डेटा को अनधिकृत कंपनियों द्वारा बेचे जाने से रोका जा सके।

एयर फ़ोर्स ने बताया कि दो महीने पहले ही अपने कंप्यूटर और मोबाइल फ़ोन पर विज्ञापन पहचानकर्ताओं को निष्क्रिय कर दिया गया था, जबकि विशेष ऑपरेशन्स कमांड ने विंडोज़ डिवाइस पर इसी तरह के कदम उठाए। सेना ने बताया कि मोबाइल उपकरणों पर विज्ञापन IDs को इस वर्ष के शुरुआती समय से बंद किया गया है।

कांग्रेस के सदस्य वायडेन और प्रतिनिधि पैट हार्रिगन ने पेंटागन से इस पर जांच की मांग की, यह कहते हुए कि “सैन्य की कोशिशें खतरे को समाप्त करने में प्रभावी नहीं रही हैं।” पेंटागन ने सीधे जवाब देने की बात कही।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि विज्ञापन ट्रैकर का बंद होना सैन्य गोपनीयता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन यह पूरी तरह से डेटा दुरुपयोग को समाप्त नहीं कर सकता।

"विज्ञापन ट्रैकर को हटाने से केवल एक परत हटती है; वास्तविक खतरा नेटवर्किंग और एआई आधारित ट्रैकिंग में निहित है," कहते हैं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जॉन डो।

इस कदम का वैश्विक प्रभाव यह है कि अन्य देशों के सैन्य संस्थाएँ भी अपनी डिवाइसों पर समान प्रतिबंध लागू करने पर विचार कर रही हैं, जिससे वैश्विक साइबर सुरक्षा नीतियों में बदलाव की संभावना है।

Did You Know?: विज्ञापन ट्रैकिंग IDs को अक्सर MAID के रूप में संक्षिप्त किया जाता है, और ये व्यक्तिगत उपकरणों पर अनोखे पहचानकर्ता होते हैं।

Frequently Asked Questions

1. क्या सभी अमेरिकी सैनिकों के उपकरण पर विज्ञापन ट्रैकर बंद कर दिए गए हैं?

सभी उपकरणों पर तुरंत बंद नहीं किया गया; कुछ उपकरणों पर अभी भी ट्रैकर सक्रिय हो सकते हैं।

2. क्या यह कदम केवल पश्चिम एशिया के लिए है या वैश्विक स्तर पर लागू है?

यह कदम वैश्विक सैन्य उपकरणों पर लागू किया जा रहा है, लेकिन विशेष रूप से पश्चिम एशिया के खतरे के संदर्भ में इसे प्राथमिकता दी गई है।