इजरायल ने दक्षिणी लेबनान की रणनीतिक अली ताहेर पहाड़ी और उसके नीचे बनी सुरंगों पर नियंत्रण का दावा किया है, जिससे चल रहे युद्धविराम और निशस्त्रीकरण वार्ता पर संकट मंडरा रहा है।

  • इजरायल ने अली ताहेर पहाड़ी और उसके भूमिगत सुरंग नेटवर्क पर 'परिचालन नियंत्रण' का दावा किया है।
  • यह क्षेत्र हिजबुल्लाह के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति लाइन और कमांड सेंटर का केंद्र रहा है।
  • इस घटना से लेबनान में चल रहे युद्धविराम समझौते और अमेरिकी मध्यस्थता पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने अली ताहेर पहाड़ी और उसके नीचे स्थित सुरंगों के एक जटिल नेटवर्क पर 'परिचालन नियंत्रण' प्राप्त कर लिया है। यह पहाड़ी क्षेत्र हिजबुल्लाह के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ से वे महत्वपूर्ण सड़कों और गांवों की निगरानी करते हैं।

युद्धविराम पर मंडराता संकट

जून में लागू हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद, अली ताहेर पहाड़ी एक प्रमुख संघर्ष बिंदु बनी हुई है। पिछले कुछ हफ्तों में, इस क्षेत्र में इजरायली बमबारी और हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस नियंत्रण के दावे से न केवल हिजबुल्लाह की सैन्य उपस्थिति को धक्का लगेगा, बल्कि यह भविष्य की शांति वार्ता और निशस्त्रीकरण के प्रयासों को भी पूरी तरह बाधित कर सकता है।

अली ताहेर पर नियंत्रण हिजबुल्लाह के लिए एक बड़ा सैन्य झटका होगा और भविष्य की वार्ताओं में इजरायल की स्थिति को मजबूत करेगा।

अमेरिका, जो इस तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, चाहता था कि हिजबुल्लाह इस क्षेत्र को लेबनानी सेना को सौंप दे। हालांकि, हिजबुल्लाह ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। हिजबुल्लाह को डर है कि यदि वे इस पहाड़ी को लेबनानी सेना को सौंपते हैं, तो इजरायल इसका उपयोग और अधिक क्षेत्र कब्जाने के लिए कर सकता है।

ऐतिहासिक संदर्भ और रणनीतिक महत्व

अली ताहेर पहाड़ी का इतिहास विवादों से भरा रहा है। इजरायल ने वर्ष 2000 में लेबनान से पीछे हटने से पहले लगभग 18 वर्षों तक इस पहाड़ी पर कब्जा बनाए रखा था। यह स्थान नबातिया की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों की निगरानी करता है। इजरायल के अनुसार, इन सुरंगों में कमांड सेंटर, हथियार भंडारण कक्ष, जनरेटर और सैनिकों के रहने की व्यवस्था थी।

विशेषताइजरायल का दावाहिजबुल्लाह का रुख
नियंत्रणपूर्ण परिचालन नियंत्रणक्षेत्र पर अपनी उपस्थिति बनाए रखना
सुरंग नेटवर्कहथियार और कमांड सेंटररक्षात्मक और सामरिक उपयोग
निशस्त्रीकरणहिजबुल्लाह को निशस्त्र करना आवश्यकलेबनानी सेना को सौंपने का विरोध

लेबनान के उप प्रधानमंत्री तारेक मित्री ने आरोप लगाया है कि इजरायल अपनी घरेलू राजनीति, विशेष रूप से आगामी चुनावों के मद्देनजर, लेबनानी सेना को इस क्षेत्र को संभालने से रोक रहा है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें रोम में होने वाली आगामी बैठकों पर टिकी हैं, जहाँ इजरायल और लेबनान के अधिकारियों के बीच बातचीत होने की उम्मीद है।

Did You Know?: अली ताहेर पहाड़ी इजरायल और लेबनान के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद का एक प्रमुख केंद्र रही है।

Frequently Asked Questions

1. अली ताहेर पहाड़ी क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहाड़ी नबातिया और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सड़कों की निगरानी करती है और हिजबुल्लाह के लिए एक प्रमुख आपूर्ति लाइन है।

2. क्या युद्धविराम समाप्त हो गया है?
युद्धविराम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन अली ताहेर जैसे संघर्ष क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा ने इसे बेहद नाजुक बना दिया है।