2022 के प्रिटोरिया समझौते ने युद्ध तो समाप्त कर दिया, लेकिन राजनीतिक और क्षेत्रीय विवादों को अनसुलझा छोड़ दिया। अब TPLF फिर से संगठित हो रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।
- प्रिटोरिया समझौता युद्ध तो रोक सका, लेकिन मुख्य विवादों को सुलझाने में विफल रहा।
- TPLF ने राजनीतिक और सैन्य रूप से खुद को फिर से मजबूत करना शुरू कर दिया है।
- एरिट्रिया और TPLF के बीच संभावित नए समीकरणों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इथियोपिया के टिग्रे क्षेत्र में शांति की उम्मीदें एक बार फिर धुंधली पड़ती नजर आ रही हैं। नवंबर 2022 में हस्ताक्षरित प्रिटोरिया समझौता, जिसका उद्देश्य दो साल के विनाशकारी युद्ध को समाप्त करना था, अब एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। हालांकि बड़े पैमाने पर युद्ध थम गया है, लेकिन वे मूल कारण—राजनीतिक, क्षेत्रीय और सुरक्षा संबंधी विवाद—आज भी जस के तस बने हुए हैं।
हाल के वर्षों में, विशेष रूप से 2024 के बाद से, Tigray People’s Liberation Front (TPLF) ने न केवल अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है, बल्कि सैन्य स्तर पर भी खुद को पुनर्गठित किया है। विश्लेषकों का मानना है कि प्रिटोरिया समझौता शांति के पूर्ण संक्रमण के बजाय TPLF के लिए एक 'रणनीतिक विराम' (tactical pause) साबित हुआ है, जिससे उन्हें अपनी शक्ति फिर से जुटाने का समय मिल गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि टिग्रे में बढ़ता सैन्य पुनर्गठन और राजनीतिक अस्थिरता पूरे हॉर्न ऑफ अफ्रीका की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। यदि निशस्त्रीकरण (disarmament) की प्रक्रिया अधूरी रहती है, तो यह भविष्य में एक और बड़े संघर्ष का आधार बन सकती है।
टिग्रे के नागरिक शांति चाहते हैं, लेकिन सैन्य भर्ती की खबरें उन्हें एक और युद्ध के डर में धकेल रही हैं।
निशस्त्रीकरण की प्रक्रिया, जिसे समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत लागू किया जाना था, काफी हद तक अधूरी रही है। हालांकि भारी हथियार सौंपे गए थे, लेकिन क्षेत्रीय सैन्य संरचनाओं को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जा सका। 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, टिग्रे में फिर से जबरन भर्ती और लामबंदी की खबरें सामने आई हैं, जो समझौते के अनुच्छेद 7 का सीधा उल्लंघन है।
राजनीतिक मोर्चे पर भी उथल-पुथल जारी है। 2025 में गेटाचू रेडा को अंतरिम प्रशासन के प्रमुख पद से हटा दिया गया था, और हाल ही में टिग्रे क्षेत्रीय परिषद ने डेब्रेट्सियन गेब्रेमाइकल को राष्ट्रपति के रूप में चुनकर TPLF के एक विशेष गुट को मजबूती प्रदान की है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इथियोपिया और टिग्रे के बीच संघर्ष दशकों पुराना है। 1998-2000 के दौरान इथियोपिया और इरिट्रिया के बीच हुए सीमा युद्ध ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया था। हालिया 2020-22 का युद्ध भी इसी जटिल ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का हिस्सा था, जिसने लाखों लोगों को विस्थापित किया।
हैरानी की बात यह है कि जो देश (इरिट्रिया) पहले TPLF के खिलाफ लड़ रहा था, अब उसके और TPLF के बीच संदिग्ध संपर्कों की खबरें आ रही हैं, जो इस क्षेत्र के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों को दर्शाती हैं।
Frequently Asked Questions
1. प्रिटोरिया समझौता क्या था?
यह 2022 में इथियोपियाई सरकार और TPLF के बीच हुआ एक शांति समझौता था जिसका उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना था।
2. वर्तमान में मुख्य समस्या क्या है?
मुख्य समस्या यह है कि निशस्त्रीकरण की प्रक्रिया अधूरी है और राजनीतिक विवाद अभी भी अनसुलझे हैं।