चीन और नेपाल में आए विनाशकारी बाढ़ के 12 दिन बाद भी हजारों लोग लापता हैं। ग्लेशियर टूटने की आशंका के बीच रेस्क्यू टीमें मलबे और सुरंगों में लोगों की तलाश कर रही हैं।

  • चीन और नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 1,384 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • कुल 5,500 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें लगभग 800 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
  • नेपाल ने जलवायु परिवर्तन के मुआवजे के लिए संयुक्त राष्ट्र से सहायता मांगी है।

चीन और नेपाल की सीमाओं पर आई विनाशकारी बाढ़ के 12 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। आपदा प्रबंधन टीमें मलबे, गहरी घाटियों और जलमग्न सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह तबाही पिछले महीने एक ग्लेशियर के अचानक ढहने (Glacial Collapse) के कारण हुई है।

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के अनुसार, देश में अब तक 1,341 शव बरामद किए जा चुके हैं और लगभग 4,996 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 43 तक पहुंच गई है और 519 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत कार्य के दौरान हाइड्रोपावर टनल (पनबिजली सुरंगों) से चार लोगों को जीवित बचाए जाने की खबर ने उम्मीद जगाई है, हालांकि भौगोलिक चुनौतियों के कारण काम बेहद कठिन बना हुआ है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह आपदा केवल एक प्राकृतिक त्रासदी नहीं है, बल्कि यह वैश्विक जलवायु संकट का एक सीधा परिणाम है। हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना और अचानक आने वाली बाढ़ (GLOF) अब एक नियमित खतरा बनती जा रही है, जो दक्षिण एशिया की स्थिरता को खतरे में डाल रही है।

ग्लेशियरों के टूटने की घटनाएं 1950 के बाद से लगभग पांच गुना बढ़ गई हैं, जो बढ़ते वैश्विक तापमान का स्पष्ट संकेत है।

नेपाल सरकार ने इस आपदा को 'जलवायु अन्याय' (Climate Injustice) करार दिया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि दुनिया के प्रमुख ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जक देशों की यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वे नेपाल जैसे संवेदनशील देशों को इस नुकसान की भरपाई करें। नेपाल ने आधिकारिक तौर पर 'लॉस एंड डैमेज फंड' के माध्यम से मुआवजे का दावा दायर किया है।

वर्तमान में, संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए 50 मिलियन डॉलर की अपील की है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है; चीन के ग्योरोंग (Gyirong) में एक पांच मंजिला सीमा शुल्क भवन का अस्तित्व तक मिट गया है। बचाव दल अब ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार और भारी मशीनरी का उपयोग कर रहे हैं।

Did You Know?: हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने की दर पिछले कुछ दशकों में अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है, जिससे अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions

1. नेपाल में कितने लोग लापता हैं?
नेपाल में लगभग 4,996 लोग लापता हैं, जबकि चीन में 519 लोग लापता हैं।

2. इस आपदा का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्लेशियर के अचानक ढहने (Glacial Collapse) को इस भीषण बाढ़ का मुख्य कारण माना जा रहा है।