लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायली हमलों को रोकने के लिए अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। हालिया हमलों में 7 लोगों की मौत हो गई और एक अस्पताल सहित सरकारी इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है।
- इजरायली हवाई हमलों में लेबनान के नबातिया क्षेत्र में 7 लोगों की मृत्यु हुई।
- एक पुराने अस्पताल और सरकारी कार्यालयों को भारी नुकसान पहुँचा।
- राष्ट्रपति जोसेफ औन ने संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन पर चिंता जताई।
- इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने रविवार, 6 सितंबर 2026 को हुए भीषण इजरायली हमलों के बाद वाशिंगटन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। इन हमलों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई, जो उस समय हुए जब दोनों पक्षों के बीच हिंसा रोकने के लिए एक ढांचागत समझौता (framework deal) लागू होना चाहिए था।
इजरायल ने दावा किया कि उसने लेबनान के एक रणनीतिक रिज (ridge) के पास अपने सैनिकों पर हुए हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले के जवाब में हिजबुल्लाह के लड़ाकों और उनके ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायली सेना के अनुसार, उन्होंने एक ऐसे हिजबुल्लाह कमांड सेंटर को नष्ट किया जो एक पूर्व अस्पताल के रूप में उपयोग की जाने वाली इमारत के भीतर स्थित था।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ये हमले न केवल मानवीय संकट को गहरा रहे हैं, बल्कि जून में हुए इजरायल-लेबनान फ्रेमवर्क समझौते की स्थिरता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। सरकारी संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले लेबनानी राज्य की संप्रभुता के लिए एक सीधा खतरा हैं।
लेबनान के राष्ट्रपति ने इन हमलों को 'खतरनाक वृद्धि' करार देते हुए कहा कि ये सीधे तौर पर राज्य के संस्थानों को निशाना बना रहे हैं।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नबातिया अल-फौका में हमलों के कारण दो लोगों की मौत हुई, जबकि अरब सलीम में दो महिलाओं की जान चली गई। इसके अलावा, नबातिया के पास एक पार्किंग स्थल पर हमले में तीन अन्य लोग मारे गए। रिपोर्टों के अनुसार, एक पुराने और बंद पड़े घंडूर अस्पताल को भी हमले में पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।
इजरायली सेना ने तर्क दिया कि उनके लक्ष्य हिजबुल्लाह के हथियार भंडारण केंद्र और आतंकवादी संरचनाएं थीं। हालांकि, स्थानीय निवासियों और नबातिया के मेयर अब्बास फखरेद्दीन ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है, विशेष रूप से सरकारी कार्यालयों और ऐतिहासिक इमारतों को पहुंचे नुकसान को लेकर।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लेबनान मार्च में पश्चिम एशिया के व्यापक युद्ध में खिंच गया था जब हिजबुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजरायल पर हमला किया था। इसके जवाब में इजरायल ने हवाई हमले और जमीनी आक्रमण शुरू किए, जिसमें अब तक 4,300 से अधिक लेबनानी मारे जा चुके हैं। जून में अमेरिकी-ईरानी समझौता होने के बाद हिंसा में कमी आई थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने फिर से तनाव बढ़ा दिया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इजरायल ने इन हमलों का कारण क्या बताया?
उत्तर: इजरायल का कहना है कि यह हिजबुल्लाह द्वारा उनके सैनिकों पर किए गए ड्रोन हमले का जवाब था।
प्रश्न 2: लेबनानी राष्ट्रपति ने किससे मदद मांगी है?
उत्तर: राष्ट्रपति जोसेफ औन ने विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।