नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता यात्रियों के शवों की पहचान के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग एक महत्वपूर्ण हथियार बन गई है। महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और नासिक में विशेष डीएनए संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं।
- नेपाल बाढ़ में लापता यात्रियों की पहचान के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग को सबसे विश्वसनीय तरीका माना जा रहा है।
- महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और नासिक में सरकारी फॉरेंसिक लैब में डीएनए नमूने जमा करने की व्यवस्था की गई है।
- कैलश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय यात्री इस आपदा की चपेट में आए हैं।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद अब सबसे बड़ी चुनौती मलबे से बरामद अवशेषों और शवों की पहचान करने की है। नेपाल में हुई इस आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय यात्री, विशेषकर महाराष्ट्र से, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे, जो अब लापता हैं।
पहचान की वैज्ञानिक चुनौती
अखिल महाराष्ट्र गिरि आरोहण महासंघ (AMGM) के अध्यक्ष और अनुभवी पर्वतारोही उमेश जिरपे ने बताया कि शवों की स्थिति इतनी खराब है कि केवल देखकर उनकी पहचान करना लगभग असंभव है। ऐसे में डीएनए प्रोफाइलिंग ही एकमात्र वैज्ञानिक रास्ता बचा है। मलबे और कीचड़ के बीच से बरामद अवशेषों की पहचान के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं में जब शवों की स्थिति क्षत-विक्षत होती है, तो पारंपरिक पहचान के तरीके विफल हो जाते हैं। डीएनए तकनीक न केवल परिवारों को उनके प्रियजनों की अंतिम स्थिति के बारे में निश्चितता प्रदान करती है, बल्कि कानूनी और धार्मिक अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं को भी सुगम बनाती है।
डीएनए मिलान उन शोक संतप्त परिवारों को उत्तर और गरिमा प्रदान करने का एक वैज्ञानिक मार्ग है जो अपने प्रियजनों की तलाश में हैं।
महाराष्ट्र सरकार और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के समन्वय से मुंबई, पुणे और नासिक की सरकारी फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में डीएनए नमूने एकत्र करने की व्यवस्था की गई है। अब तक महाराष्ट्र के 51 लोगों ने अपने नमूने देने के लिए सहमति जताई है।
परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
नेपाल सरकार ने लापता व्यक्तियों के करीबी रिश्तेदारों से डीएनए नमूने प्रदान करने की अपील की है। इसके लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। महाराष्ट्र में एकत्र किए गए डीएनए प्रोफाइल का उपयोग नेपाल में मिले अज्ञात अवशेषों के साथ मिलान करने के लिए किया जाएगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: डीएनए नमूने कहाँ जमा किए जा सकते हैं?
उत्तर: महाराष्ट्र के निवासी मुंबई, पुणे और नासिक स्थित सरकारी फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में नमूने दे सकते हैं।
प्रश्न 2: क्या डीएनए मिलान के लिए करीबी रिश्तेदार होना जरूरी है?
उत्तर: हाँ, सटीक मिलान के लिए रक्त संबंधी या करीबी परिवार के सदस्यों का डीएनए नमूना सबसे प्रभावी होता है।