अमेरिका द्वारा लैटिन अमेरिका में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और 'अमेरिका काउंटर-कार्टेल कोएलिशन' (ACCC) के गठन ने क्षेत्र में अस्थिरता और लोकतंत्र के लिए नए खतरे पैदा कर दिए हैं। यह कदम पुरानी 'मोनरो सिद्धांत' की वापसी जैसा प्रतीत होता है।
- अमेरिका ने 'अमेरिका काउंटर-कार्टेल कोएलिशन' (ACCC) के माध्यम से लैटिन अमेरिका में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाई है।
- यह गठबंधन न केवल नशीली दवाओं के व्यापार को रोकने के लिए है, बल्कि चीन जैसे बाहरी प्रभावों को कम करने का भी एक जरिया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता सैन्यीकरण सामाजिक खर्चों में कटौती और लोकतंत्र के पतन का कारण बन सकता है।
लैटिन अमेरिका वर्तमान में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के एक नए और चिंताजनक दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मार्च में शुरू किए गए अमेरिका काउंटर-कार्टेल कोएलिशन (ACCC) के तहत, अमेरिकी सेना न केवल मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले जहाजों पर हमले कर रही है, बल्कि लैटिन अमेरिकी देशों की सेनाओं के साथ अपने संबंधों को भी गहरा कर रही है। यह बढ़ता सैन्य हस्तक्षेप क्षेत्र में वाशिंगटन के पुराने और दमनकारी नीतियों की वापसी का संकेत देता है।
ACCC में अर्जेंटीना, कोलंबिया और पेरू सहित 17 राष्ट्र शामिल हैं। हालांकि वे आधिकारिक तौर पर नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन इसका एक बड़ा राजनीतिक उद्देश्य चीन जैसे 'बाहरी प्रभावों' को रोकना भी है। यह गठबंधन उस 'एंडियन आर्क' को कवर करता है जो अमेरिका और यूरोप में जाने वाली कोकीन का मुख्य स्रोत है।
क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि अमेरिका का यह कदम केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा निर्णयों पर नियंत्रण हासिल करने की एक सोची-समझी रणनीति है। इसे 1823 के 'मोनरो सिद्धांत' के पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है, जिसे अब 'ट्रंप कोरोलरी' कहा जा सकता है।
लैटिन अमेरिका में बढ़ता सैन्यीकरण सुरक्षा लाने के बजाय हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दे सकता है।
हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो, अमेरिकी दक्षिणी कमांड (SOUTHCOM) ने 'पश्चिमी गोलार्ध संयुक्त कार्य बल' का गठन किया है, जो ACCC के 18 सदस्यों के सैन्य संचालन को एकीकृत करेगा। इसके अलावा, कोलंबिया के नए राष्ट्रपति ने भी अमेरिका को 'नार्को-आतंकवाद' से लड़ने के लिए सैन्य संचालन की अनुमति दे दी है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप का इतिहास काफी पुराना और विवादास्पद रहा है। शीत युद्ध के दौरान, क्यूबा के 'बे ऑफ पिग्स' और ग्रेनाडा के आक्रमण जैसे ऑपरेशनों ने भारी नागरिक हिंसा को जन्म दिया था। इसके बाद, 2000-2015 के बीच 'प्लान कोलंबिया' जैसे कार्यक्रमों ने सुरक्षा के नाम पर सैन्यीकरण तो बढ़ाया, लेकिन नागरिक अधिकारों का हनन और हिंसा में भी वृद्धि की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. ACCC का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका आधिकारिक उद्देश्य नशीली दवाओं के कार्टेल का मुकाबला करना है, लेकिन इसका एक गुप्त एजेंडा चीन के प्रभाव को कम करना भी है।
2. क्या इससे लोकतंत्र को खतरा है?
हाँ, विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य बजट बढ़ने से सामाजिक कल्याण के लिए धन कम हो जाता है, जिससे लोकतंत्र कमजोर होता है।