पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिकी जीत के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी, जिससे ऊर्जा बाजार की पूरी तस्वीर बदल सकती है।

  • डोनाल्ड ट्रंप ने भविष्यवाणी की है कि युद्ध जीतने के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी।
  • अनुमान है कि कीमतें 40 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे जा सकती हैं।
  • ट्रंप का दावा है कि गैस की कीमत दो डॉलर प्रति गैलन से नीचे गिर जाएगी।

एक साहसिक बयान में, डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया है। उन्होंने दावा किया है कि एक बार जब संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ अपने भू-राजनीतिक संघर्ष में जीत हासिल कर लेगा, तो तेल की कीमतें "तेजी से" गिरेंगी। पूर्व राष्ट्रपति का तर्क है कि एक निर्णायक जीत बाजार से उस 'जोखिम प्रीमियम' को हटा देगी जो वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ाए हुए है।

इस अनुमान को उनके आर्थिक सलाहकारों के बीच चर्चाओं से बल मिल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, स्कॉट बेसेंट जैसे विशेषज्ञों ने ऐसी स्थिति की कल्पना की है जहाँ युद्ध के बाद तेल की कीमत 40 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह OPEC+ की मूल्य निर्धारण शक्ति को पूरी तरह से ध्वस्त कर देगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ट्रंप की रणनीति ईरान पर 'अधिकतम दबाव' डालने और साथ ही अमेरिकी घरेलू ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा देने पर आधारित है। अमेरिकी शेल ऑयल की आपूर्ति बढ़ाकर और विदेशी खतरों को खत्म करके, प्रशासन का लक्ष्य विरोधी शासनों की वित्तीय कमर तोड़ना है।

"अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व और भू-राजनीतिक स्थिरता का संगम ही औसत अमेरिकी के लिए जीवन यापन की लागत को स्थायी रूप से कम करने का एकमात्र रास्ता है।"

ऐतिहासिक रूप से, तेल की कीमतें उत्पादन कोटा, भू-राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक मांग के जटिल मिश्रण से संचालित होती हैं। 40 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट 2014-2016 के मूल्य संकट या 2020 की महामारी के दौरान देखी गई गिरावट की याद दिलाएगी, जिससे रूस और वेनेजुएला जैसे उच्च-लागत वाले उत्पादक देशों पर भारी दबाव पड़ेगा।

परिदृश्यवर्तमान बाजार रुझानट्रंप की भविष्यवाणी
तेल मूल्य (प्रति बैरल)$70 - $90 (लगभग)$40 या उससे कम
गैसोलीन (प्रति गैलन)परिवर्तनशील/उच्च$2.00 से नीचे
बाजार चालकभू-राजनीतिक तनावअमेरिकी जीत/प्रभुत्व

आलोचकों का तर्क है कि इतनी भारी गिरावट भविष्य के ऊर्जा बुनियादी ढांचे में निवेश को कम कर सकती है, जिससे लंबे समय में आपूर्ति की कमी हो सकती है। हालांकि, सस्ते ईंधन का राजनीतिक आकर्षण ट्रंप अभियान के लिए एक शक्तिशाली हथियार है।

क्या आप जानते हैं?: पिछले एक दशक में, 'शेल क्रांति' के कारण अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादक बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: युद्ध में जीत से तेल की कीमतें क्यों गिरेंगी?
उत्तर: यह 'भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम' को समाप्त करता है और अधिक स्थिर आपूर्ति श्रृंखलाओं की अनुमति देता है।

प्रश्न: क्या 40 डॉलर प्रति बैरल की कीमत वास्तविक है?
उत्तर: वैश्विक स्तर पर अत्यधिक आपूर्ति होने पर यह संभव है, लेकिन इसके लिए उत्पादन में भारी वृद्धि या मांग में भारी गिरावट की आवश्यकता होगी।