कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने भारत के साथ संबंधों को फिर से जोड़ने और आर्थिक व सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक मंच पर बड़ी शक्ति बन सकते हैं।
- भारत-कनाडा के बीच विश्वास की कमी को दूर करने के लिए संस्थागत जुड़ाव बढ़ाया गया है।
- दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हालिया बैठकें संबंधों के सुधार का संकेत हैं।
- सुरक्षा चिंताओं, विशेष रूप से आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सहयोग बढ़ रहा है।
- आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं।
नई दिल्ली में आयोजित 'आइडिया एक्सचेंज' कार्यक्रम के दौरान, कनाडा के भारत में उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों में आ रहे सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। कूटर ने इस बात पर जोर दिया कि यदि दोनों देश अपने संसाधनों, प्रतिभा और पैमाने को मिला दें, तो वे वैश्विक स्तर पर 'वर्ल्ड बीटर्स' (विश्व विजेता) बन सकते हैं।
हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच उपजे तनाव, विशेष रूप से सुरक्षा और कूटनीतिक आरोपों के कारण, संबंधों में एक गहरी खाई पैदा हो गई थी। कूटर ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय में आधिकारिक स्तर पर विश्वास की भारी कमी देखी गई थी। हालांकि, उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई चार महत्वपूर्ण बैठकों ने इस खाई को पाटने में मदद की है।
सुरक्षा और विश्वास का पुनर्निर्माण
कूटर ने बताया कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। कनाडा ने बिशनोई गैंग को एक आतंकवादी इकाई के रूप में सूचीबद्ध किया है और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए एक आयोग का गठन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा की पुलिस और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब उन आपराधिक तत्वों के खिलाफ मिलकर काम कर रही हैं जो दोनों देशों के प्रवासी समुदायों को निशाना बना रहे हैं।
"हम भारत के साथ कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो हमने पहले कभी नहीं बनाया, और हमारे प्रधानमंत्री इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।"
आर्थिक दृष्टिकोण और प्रधानमंत्री मार्की का प्रभाव
कूटर ने कनाडा के नए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मजबूत आर्थिक पृष्ठभूमि (बैंक ऑफ इंग्लैंड और कनाडा के पूर्व गवर्नर के रूप में) भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को एक नई दिशा दे रही है। कूटर के अनुसार, कनाडा अब भारत को केवल एक भागीदार के रूप में नहीं, बल्कि एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में देखता है जिसके साथ मिलकर आर्थिक लचीलापन (Resilience) बढ़ाया जा सकता है।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत और कनाडा के बीच का यह नया समीकरण केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है। कनाडा में रहने वाले लगभग 20 लाख भारतीय मूल के लोगों के लिए इन संबंधों का सुधरना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Why This Matters
भारत और कनाडा के बीच संबंधों का सुधरना वैश्विक भू-राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है। ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा, और वीजा प्रक्रियाओं में सहयोग से न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि पश्चिम एशिया और यूक्रेन जैसे वैश्विक संघर्षों के बीच दोनों देशों की स्थिति और मजबूत होगी।
Frequently Asked Questions
1. भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार कैसे हो रहा है?
दोनों देशों के बीच सुरक्षा अधिकारियों के बीच नियमित संपर्क और प्रधानमंत्रियों के बीच हालिया बैठकों के माध्यम से विश्वास बहाल किया जा रहा है।
2. सुरक्षा के मोर्चे पर क्या कार्रवाई की गई है?
कनाडा ने बिशनोई गैंग को आतंकवादी घोषित किया है और वित्तीय अपराधों की जांच के लिए विशेष आयोग बनाया है।