एक नए राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, राजनीतिक थकान के बावजूद भारतीय-अमेरिकी मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। सर्वेक्षण में महंगाई और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।

  • 66% भारतीय-अमेरिकी मतदाता डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं।
  • महंगाई और जीवन यापन की लागत सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरी है।
  • 90% से अधिक एएपीआई (AAPI) मतदाता मतदान करने की योजना बना रहे हैं।

हाल ही में संपन्न हुए एक राष्ट्रीय एशियाई और प्रशांत द्वीप अमेरिकी (AAPI) सर्वेक्षण ने अमेरिकी राजनीति के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा किया है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय-अमेरिकी मतदाता आगामी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के प्रति गहरा झुकाव दिखा रहे हैं, भले ही वे राजनीतिक प्रक्रियाओं से होने वाली थकान महसूस कर रहे हों।

इस विस्तृत अध्ययन में पाया गया कि 66 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी मतदाता कांग्रेस और सीनेट दोनों चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। इसके विपरीत, कांग्रेस चुनावों में केवल 18 प्रतिशत और सीनेट चुनावों में 22 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की बात कही है। यह रुझान दर्शाता है कि भारतीय समुदाय का राजनीतिक प्रभाव अमेरिका में लगातार बढ़ रहा है।

महत्वपूर्ण मुद्दे और मतदाता चिंताएं

सर्वेक्षण के अनुसार, मतदाता केवल विचारधारा से नहीं, बल्कि अपनी जेब और बुनियादी सुविधाओं से प्रेरित हैं। महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत को 90 प्रतिशत मतदाताओं ने अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है। इसके बाद स्वास्थ्य सेवा (82%), रोजगार (80%), सामाजिक सुरक्षा (80%) और शिक्षा (79%) जैसे महत्वपूर्ण विषय रहे।

एशियाई अमेरिकी देश के सबसे तेजी से बढ़ते मतदाता समूह हैं, इसलिए उनकी प्रेरणाओं को समझना चुनावी भविष्य के लिए अनिवार्य है।

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि राजनीतिक दलों के बीच एक बड़ा संचार अंतराल (Communication Gap) मौजूद है। सर्वेक्षण में खुलासा हुआ कि 42 प्रतिशत AAPI मतदाताओं से डेमोक्रेटिक पार्टी ने कोई संपर्क नहीं किया, जबकि 58 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ने भी उनसे कोई संवाद नहीं किया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ऐतिहासिक रूप से, एशियाई-अमेरिकी समुदाय का राजनीतिक प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ा है। पिछले कुछ दशकों में, इस समुदाय की जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण ने उन्हें अमेरिकी चुनावी राजनीति में एक 'किंगमेकर' की भूमिका में ला खड़ा किया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारतीय-अमेरिकी मतदाता किन मुद्दों पर सबसे अधिक चिंतित हैं?
उत्तर: मुख्य रूप से महंगाई, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और शिक्षा।

प्रश्न 2: क्या एएपीआई मतदाता चुनावों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं?
उत्तर: हाँ, 90% से अधिक पंजीकृत एएपीआई मतदाता मतदान करने की योजना बना रहे हैं।

Did You Know?: अमेरिका में लगभग 16 मिलियन एशियाई-अमेरिकी और प्रशांत द्वीप अमेरिकी नागरिक मतदान करने के पात्र हैं।