युद्ध और बढ़ती मुद्रास्फीति के बीच, ईरान ने अपने भारी ईंधन उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल की कीमतों को दोगुना कर दिया है। इस कदम से देश में आर्थिक तनाव और सार्वजनिक आक्रोश बढ़ने की आशंका है।

  • ईरान ने मासिक कोटा (110 लीटर) से अधिक पेट्रोल खरीदने वालों के लिए कीमतें दोगुनी कर दी हैं।
  • नई दर 100,000 रियाल प्रति लीटर होगी, जो पहले की तुलना में काफी अधिक है।
  • यह निर्णय युद्ध के दबाव और 67% की वार्षिक मुद्रास्फीति के बीच लिया गया है।

तेहरान: ईरान ने मंगलवार को अपने सबसे भारी ईंधन उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्धि की घोषणा की है। यह कदम महीनों से जारी युद्ध के कारण उत्पन्न आर्थिक तनाव को दर्शाता है। सरकारी मीडिया के अनुसार, दिसंबर के बाद यह दूसरा बड़ा बदलाव है, जो पहले से ही उच्च मुद्रास्फीति और कमजोर होती मुद्रा से जूझ रहे ईरानी परिवारों पर बोझ बढ़ा सकता है।

नई प्रणाली के तहत, जो लोग अपनी 110 लीटर की मासिक कोटा सीमा से अधिक पेट्रोल खरीदते हैं, उन्हें अब प्रति लीटर 100,000 रियाल (लगभग 7 सेंट) का भुगतान करना होगा। यह दर पिछले दिसंबर से भुगतान की जा रही दर से दोगुनी है। हालांकि ईरान में पेट्रोल की कीमतें अभी भी दुनिया में सबसे कम में से एक हैं, लेकिन इस वृद्धि ने देश की 90 मिलियन से अधिक आबादी के दैनिक जीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ईरान की मुद्रा (रियाल) का मूल्य लगातार गिर रहा है, जहाँ सोमवार को अमेरिकी डॉलर 2.22 मिलियन रियाल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया था। ईंधन की कीमतों में वृद्धि सीधे तौर पर परिवहन और खाद्य लागतों को प्रभावित करती है, जिससे एक दुष्चक्र शुरू हो सकता है।

ईंधन की कीमतों में वृद्धि केवल एक आर्थिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह ईरान के भीतर सामाजिक स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती भी है।

राज्य तेल वितरण कंपनी के मुख्य कार्यकारी केरमत वेइस करमी ने बताया कि यह नया रेट लगभग 15 प्रतिशत उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा। अगस्त में ईंधन की खपत 145 मिलियन लीटर प्रतिदिन तक पहुँच गई थी, जबकि घरेलू उत्पादन क्षमता केवल 122 मिलियन लीटर ही है। इस अंतर को भरने के लिए ईरान को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है, जो युद्ध की स्थिति में और भी महंगा हो जाता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ईरान में सस्ती पेट्रोल को एक जन्मसिद्ध अधिकार माना जाता है। 2019 में ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था, जिसमें कथित तौर पर 300 से अधिक लोग मारे गए थे। इससे पहले 1964 में भी कीमतों में वृद्धि के कारण बड़े पैमाने पर हड़तालें हुई थीं।

Did You Know?: ईरान में ईंधन की कीमतों में वृद्धि ऐतिहासिक रूप से बड़े पैमाने पर नागरिक अशांति और राजनीतिक अस्थिरता का मुख्य कारण रही है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नया कोटा क्या है?
उत्तर: ईरान में वर्तमान मासिक कोटा 110 लीटर प्रति व्यक्ति है।

प्रश्न 2: कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: सरकार ने इसे 'वर्तमान स्थिति' और युद्ध के आर्थिक दबाव का हवाला देते हुए लागू किया है।