रूस ने कीव पर अपने हमलों की रणनीति बदलते हुए अब दिन-रात हवाई हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे वहां की शिक्षा, व्यापार और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बीबीसी के विश्लेषण के अनुसार, हवाई अलर्ट की संख्या अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
- कीव में हवाई हमले के अलर्ट अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, औसतन 10 अलर्ट प्रतिदिन।
- रूस अब रात के बजाय दिन में भी हमले कर रहा है, जिससे स्कूल और ऑफिस प्रभावित हो रहे हैं।
- रूस द्वारा उपयोग किए जा रहे नए जेट-पावर्ड ड्रोन पुराने शाहेद ड्रोन्स से तीन गुना अधिक तेज हैं।
- यूक्रेन सरकार एक नई 'टू-टियर' चेतावनी प्रणाली विकसित करने पर विचार कर रही है।
यूक्रेन की राजधानी कीव इस समय एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रही है। बीबीसी वेरीफाई के विश्लेषण के अनुसार, 2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद से अब तक सबसे अधिक हवाई हमले के अलर्ट दर्ज किए गए हैं। पहले रूसी हमले मुख्य रूप से रात में होते थे, लेकिन अब रूस ने अपनी रणनीति बदलते हुए दिन के समय भी हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे शहर की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।
राज्य के स्वामित्व वाले ऐप 'कीव डिजिटल' के आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त के अंत से, कीव में औसतन प्रतिदिन 10 बार सायरन बज रहे हैं। 27 अगस्त से शुरू हुए एक सप्ताह में कुल 76 अलर्ट जारी किए गए, जो फरवरी 2022 के शुरुआती आक्रमण के समय (66 अलर्ट) से भी अधिक है। यह स्थिति नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या पर गहरा प्रभाव डाल रही है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रूस का उद्देश्य केवल सैन्य ठिकानों को नष्ट करना नहीं, बल्कि कीव के नागरिकों के मनोबल को तोड़ना और अर्थव्यवस्था को पंगु बनाना है। दिन के समय हमलों से व्यापारिक प्रतिष्ठान और गोदाम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे यूक्रेन की आर्थिक रीढ़ कमजोर हो रही है।
इस संकट को और अधिक गंभीर बना दिया है रूस के नए जेट-पावर्ड अटैक ड्रोन्स ने। ये ड्रोन लगभग 595 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ते हैं, जो पुराने प्रोपेलर-चालित शाहेद ड्रोन्स की तुलना में तीन गुना तेज हैं। यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, अगस्त में रूस ने लगभग 2,800 ऐसे तेज ड्रोन लॉन्च किए, जिन्हें मार गिराना बेहद कठिन है।
"चुनौती केवल गति की नहीं है, बल्कि सटीक मार्गदर्शन प्रणाली की है; इंटरसेप्टर को केवल तेज उड़ना पर्याप्त नहीं है, उसे लक्ष्य को सटीक रूप से हिट करना होगा।" - यूरी इग्नाट, यूक्रेनी वायु सेना प्रवक्ता।
राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस खतरे से निपटने के लिए आपातकालीन बैठकें की हैं ताकि उच्च गति वाली मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाया जा सके। वर्तमान में, यूक्रेन केवल 60% ड्रोन्स को ही मार गिराने में सक्षम है, जबकि पैट्रियट डिफेंस सिस्टम की क्षमताएं भी कम हो रही हैं।
शिक्षा क्षेत्र पर इसका प्रभाव विनाशकारी रहा है। छात्र अपनी कक्षाओं को छोड़कर बार-बार भूमिगत आश्रयों में जाने को मजबूर हैं। ड्रेगोमानोव यूक्रेनी स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्रों का कहना है कि निरंतर सायरन ने उनकी शिक्षा की गुणवत्ता को नष्ट कर दिया है और उन्हें एक निरंतर भय के माहौल में जीने के लिए मजबूर कर दिया है।
| विशेषता | पुराने शाहेद ड्रोन | नए जेट-पावर्ड ड्रोन |
|---|---|---|
| गति | धीमी (प्रोपेलर आधारित) | अत्यधिक तेज (लगभग 595 किमी/घंटा) |
| पहचान/निशाना | आसान | बेहद कठिन |
| प्रभाव | मुख्यतः रात के हमले | चौबीसों घंटे (दिन और रात) |
Frequently Asked Questions
1. रूस ने अपनी हमले की रणनीति में क्या बदलाव किया है?
रूस अब केवल रात में नहीं, बल्कि दिन के समय भी हमले कर रहा है और पारंपरिक ड्रोन्स की जगह जेट-पावर्ड हाई-स्पीड ड्रोन्स का उपयोग कर रहा है।
2. यूक्रेन इन तेज ड्रोन्स से कैसे निपट रहा है?
यूक्रेन युद्धक विमानों, एंटी-एयरक्राफ्ट गन और कंधे से लॉन्च होने वाली मिसाइलों का उपयोग कर रहा है, साथ ही नई इंटरसेप्टर मिसाइलों के विकास पर काम कर रहा है।