नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने अब तक 1,355 लोगों की जान ले ली है, जबकि लगभग 5,000 लोग अब भी लापता हैं। पहचान की चुनौती से निपटने के लिए पुलिस अब DNA परीक्षण का सहारा ले रही है।
- मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई है, जबकि 4,996 लोग अभी भी लापता हैं।
- पहचान की समस्या के कारण पुलिस DNA परीक्षण और नमूने एकत्र कर रही है।
- बाढ़ का मुख्य कारण नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों का हिमस्खलन था।
- भारत और चीन के विशेषज्ञ बचाव कार्यों में नेपाल की मदद कर रहे हैं।
नेपाल में आई भीषण अचानक बाढ़ (Flash Floods) ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार तक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अभी भी 4,996 लोग लापता हैं, जिनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बचाव दल नदियों और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक बड़े बर्फ और चट्टान के हिमस्खलन (Ice-rock avalanche) के कारण शुरू हुई थी। भोटेकोषी नदी के उफान ने कई गांवों, सड़कों, पुलों और महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं को तहस-नहस कर दिया। चीन की ओर से भी भारी नुकसान की खबरें हैं, जहां कम से कम 43 लोगों की मौत हुई है।
पहचान का संकट और DNA परीक्षण
लापता लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि शवों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कई शव पानी और कीचड़ में बहने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त या क्षत-विक्षत अवस्था में मिले हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नेपाल पुलिस लापता लोगों के रिश्तेदारों से DNA नमूने एकत्र कर रही है ताकि अज्ञात शवों की पहचान की जा सके।
शवों की पहचान के लिए DNA तकनीक का उपयोग इस मानवीय संकट में परिवारों को अंतिम विदाई देने का एकमात्र विश्वसनीय तरीका बनता जा रहा है।
नेपाल सरकार ने 7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है। इस दौरान अस्पतालों में भारी भीड़ देखी गई, जहां लोग अपने प्रियजनों की तस्वीरों के साथ पहचान की उम्मीद में पहुंचे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह आपदा न केवल एक मानवीय संकट है, बल्कि नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा झटका है। जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे श्रमिकों की तलाश और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ने वाला प्रभाव देश की रिकवरी को धीमा कर सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हिमालयी क्षेत्र में इस तरह के हिमस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती जा रही हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाके भौगोलिक रूप से संवेदनशील हैं, जिससे मानसून के दौरान और ग्लेशियरों के पिघलने से आपदा का खतरा हमेशा बना रहता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: लापता लोगों में कितने विदेशी नागरिक शामिल हैं?
उत्तर: वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, लापता 4,996 लोगों में कम से कम 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
प्रश्न 2: बचाव कार्य में कौन से विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं?
उत्तर: भारत और चीन के विशेषज्ञ, साथ ही प्रसिद्ध टनल एक्सपर्ट आर्नोल्ड डिक्स, नेपाल में बचाव कार्यों में सहायता कर रहे हैं।