अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने संकेत दिया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए किसी समझौते के बजाय उसकी क्षमताओं को नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। इस बीच, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी दी है।
- अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट का कहना है कि ईरान के साथ परमाणु समझौता होना अनिश्चित है।
- ट्रंप प्रशासन ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने के लिए सैन्य और आर्थिक दबाव का उपयोग कर सकता है।
- ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि हमलों का जवाब 'अधिक भारी और दर्दनाक' होगा।
- अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में तनाव बढ़ गया है।
वॉशिंगटन: अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए संकेत दिया है कि ईरान के साथ परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए कोई समझौता शायद कभी नहीं हो पाएगा। सात महीने से जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच, राइट का यह बयान प्रशासन की रणनीति में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।
ABC न्यूज़ के 'दिस वीक' पर बात करते हुए, राइट ने कहा, "हो सकता है कि कोई परमाणु समझौता न हो। यह केवल उनकी क्षमताओं को नष्ट करने के बारे में हो सकता है।" उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ईरान की परमाणु क्षमताओं को विकसित करने और उन्हें तैनात करने की क्षमता को कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत संवेदनशील है। यदि अमेरिका बातचीत के बजाय सैन्य कार्रवाई या आर्थिक नाकेबंदी (Blockade) का रास्ता चुनता है, तो इससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। अमेरिका वर्तमान में ईरान की अर्थव्यवस्था को 'दम घोंटने' की रणनीति अपना रहा है ताकि या तो मौजूदा शासन की नीति बदली जा सके या नया शासन लाया जा सके।
ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट करना एक 47 साल लंबा संघर्ष है, लेकिन अमेरिका इस काम को पूरा करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा।
दूसरी ओर, ईरान की प्रतिक्रिया भी अत्यंत तीखी रही है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि ईरान के हितों और सुरक्षा का उल्लंघन करने पर अब 'तेज, भारी और अधिक दर्दनाक' प्रतिक्रिया दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि युद्ध के कारण ईरान को गंभीर आर्थिक चुनौतियों, जैसे मुद्रास्फीम और बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु तनाव दशकों पुराना है। 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के बाद से स्थिति में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। वर्तमान में, अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी तेल टैंकरों पर हमलों के बाद, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर खतरा मंडरा रहा है, जो दुनिया की तेल आपूर्ति की जीवन रेखा है।
Frequently Asked Questions
1. अमेरिका की नई रणनीति क्या है?
अमेरिका अब केवल समझौते पर निर्भर रहने के बजाय ईरान की परमाणु क्षमताओं को भौतिक रूप से नष्ट करने और उसकी अर्थव्यवस्था को आर्थिक प्रतिबंधों से कमजोर करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
2. ईरान ने क्या चेतावनी दी है?
ईरानी संसदीय अध्यक्ष ने कहा है कि अब 'खेल के नियम बदल गए हैं' और किसी भी हमले का जवाब पहले से कहीं अधिक कठोरता से दिया जाएगा।