यमन में सरकार समर्थक सेना और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष भीषण हो गया है। सरकारी सेना ने होदेदा और मारिब में कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जबकि हूतियों ने सऊदी ड्रोन गिराने का दावा किया है।
- यमन सरकार समर्थक सेना ने होदेदा और मारिब के इलाकों में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए।
- हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उन्होंने तीन सऊदी अरब के ड्रोन मार गिराए हैं।
- बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के लिए संघर्ष जारी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।
यमन में गृहयुद्ध एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार की सेना ने देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित हूती मिलिशिया के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ये हमले होदेदा के दक्षिण में अल-बाराह, मारिब के पश्चिमी बाहरी इलाकों और अल-जौफ प्रांत के केंद्रों पर केंद्रित थे।
सैन्य बयान में कहा गया कि इन हमलों में हूतियों को भारी जनहानि और उपकरणों का नुकसान हुआ है। यह हमला उस समय हुआ है जब हूती समूह पश्चिमी ताइज़ और दक्षिणी होदेदा के माध्यम से अल-मखा (मोचा) और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह संघर्ष केवल यमन की आंतरिक लड़ाई नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है। बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी के बाद, सऊदी तेल निर्यात के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। यहाँ अस्थिरता का अर्थ है वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल।
यमन में बढ़ता सैन्य संघर्ष वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
दूसरी ओर, हूतियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा कि उनके लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों में तीन सऊदी अरब के सशस्त्र ड्रोन मार गिराए हैं। इसमें अल-जौफ प्रांत के ऊपर एक CH-4 ड्रोन और अल-बायदा में एक विंग लोंग II (Wing Loong II) ड्रोन शामिल है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यमन का यह संघर्ष वर्षों से चला आ रहा है, जिसमें सऊदी अरब समर्थित सरकार और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच सत्ता के लिए लड़ाई जारी है। हाल के महीनों में, हूतियों ने न केवल ज़मीनी लड़ाई बल्कि समुद्री नाकेबंदी का भी सहारा लिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर दबाव बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions
1. हूती विद्रोहियों का मुख्य लक्ष्य क्या है?
हूती समूह यमन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों और विशेष रूप से बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण प्राप्त करना चाहता है ताकि वह अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत कर सके।
2. सऊदी अरब की इस संघर्ष में क्या भूमिका है?
सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई सहायता और निगरानी ड्रोन प्रदान करता है।