इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटाओ ज्वालामुखी के फटने के कारण जकार्ता के हवाई अड्डों को दो दिनों के लिए बंद करना पड़ा था, जिसके कारण लगभग 3,000 उड़ानें प्रभावित हुईं। अब स्थिति में सुधार के साथ हवाई सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं।

  • अनाक क्राकाटाओ ज्वालामुखी के फटने से जकार्ता के प्रमुख हवाई अड्डे दो दिनों तक बंद रहे।
  • लगभग 2,961 उड़ानें रद्द की गईं, जिससे 3.4 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।
  • हवाई सेवा बहाल होने के बावजूद, सरकार सुरक्षा कारणों से सतर्कता बरत रही है।

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के लिए हवाई सेवाएं मंगलवार (8 सितंबर, 2026) सुबह से फिर से शुरू हो गई हैं। पिछले दो दिनों से ज्वालामुखी की राख (volcanic ash) के कारण हवाई अड्डों को बंद रखा गया था, जिससे विमानन क्षेत्र में भारी उथल-पुथल मची।

परिवहन मंत्री दुदी पुरवागांधी ने पुष्टि की कि सोएकार्नो-हट्टा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और हलीम परदानकुसुमा हवाई अड्डा सहित कई प्रमुख हवाई अड्डे अब परिचालन के लिए तैयार हैं। हालांकि, सुमात्रा द्वीप के दक्षिणी छोर पर स्थित राडिन इंटेन II हवाई अड्डे जैसे कुछ अन्य हवाई अड्डों को सुरक्षा कारणों से सुबह 10 बजे तक बंद रखा गया था।

क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की प्राकृतिक आपदाएं न केवल यात्रियों को बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। ज्वालामुखी की राख विमान के इंजनों के लिए बेहद घातक हो सकती है, जिससे उड़ानों को रोकना एक अनिवार्य सुरक्षा कदम बन जाता है।

हवाई सुरक्षा के लिए राख का स्तर शून्य होना आवश्यक है, क्योंकि यह इंजन की कार्यक्षमता को पूरी तरह नष्ट कर सकती है।

अनाक क्राकाटाओ ज्वालामुखी का फटना रविवार को चरम पर था, जिसमें लावा के फव्वारे और तेज आवाजें सुनी गईं। हालांकि रविवार को विस्फोट की तीव्रता कम हुई थी, लेकिन मंगलवार सुबह भी ज्वालामुखी सक्रिय रहा। इस आपदा के कारण लगभग 622 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें और कुल 2,961 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अनाक क्राकाटाओ, जिसका अर्थ है 'क्राकाटाओ का बच्चा', सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित एक सक्रिय ज्वालामुखी द्वीप है। यह प्रसिद्ध 1883 के क्राकाटाओ विस्फोट का वंशज है, जिसने वैश्विक तापमान को प्रभावित किया था। 2018 में भी इसी ज्वालामुखी के कारण आई सुनामी में कम से कम 430 लोगों की जान चली गई थी।

Did You Know?: इंडोनेशिया 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है, जिसके कारण यहाँ 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. जकार्ता में हवाई सेवाएं क्यों बंद की गई थीं?
अनाक क्राकाटाओ ज्वालामुखी के फटने से निकली राख के कारण विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई अड्डे बंद किए गए थे।

2. इस आपदा से कितने यात्री प्रभावित हुए?
अनुमान के अनुसार, लगभग 3,41,000 यात्री इस उड़ान रद्दीकरण से प्रभावित हुए हैं।