माउंट अनाक क्राकाटाओ के विस्फोट के कारण बाधित हुए इंडोनेशिया के पांच प्रमुख हवाई अड्डे, जिनमें जकार्ता का सुकर्णो-हट्टा भी शामिल है, फिर से शुरू हो गए हैं।

  • माउंट अनाक क्राकाटाओ के विस्फोट के बाद पांच हवाई अड्डे फिर से खुले।
  • लगभग 2,900 उड़ानें और 3,40,000 यात्री प्रभावित हुए।
  • सुरक्षा जांच के कारण उड़ानों का सामान्य होना अभी बाकी है।

इंडोनेशिया ने अपने प्रमुख हवाई अड्डों को फिर से खोल दिया है, जिनमें जकार्ता का सुकर्णो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है। यह कदम माउंट अनाक क्राकाटाओ के ज्वालामुखी विस्फोट से निकली राख के कारण हवाई सेवाओं में आए बड़े व्यवधान के बाद उठाया गया है। मंगलवार को अधिकारियों ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से ज्वालामुखी की राख को साफ करने के बाद इन पांच हवाई अड्डों को संचालन के लिए अनुमति दी।

इस प्राकृतिक आपदा के कारण यात्रा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 2,900 उड़ानें प्रभावित हुईं और करीब 3,40,000 यात्री बीच रास्ते में फंस गए या अपनी यात्रा पूरी नहीं कर सके। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि अग्निशमन दल और फायरट्रक रनवे और अन्य परिचालन सुविधाओं पर जमी राख को हटाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इंडोनेशिया जैसे महत्वपूर्ण हवाई गलियारों में ज्वालामुखी गतिविधि न केवल स्थानीय यात्रा को प्रभावित करती है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और रसद (logistics) पर भी गहरा असर डालती है। राख के कण विमान के इंजनों के लिए अत्यंत घातक हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन अनिवार्य हो जाता है।

परिवहन मंत्री दुडी पुरवागंधी ने कहा, "हम यात्रियों से धैर्य रखने का अनुरोध करते हैं क्योंकि हम यह सुनिश्चित करने के लिए गहन निरीक्षण कर रहे हैं कि विमान उड़ान भरने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।"

परिवहन मंत्री दुडी पुरवागंधी ने स्पष्ट किया कि हालांकि परिचालन शुरू हो गया है, लेकिन पहली उड़ान एक कार्गो विमान की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि विमानों की 'एयरवर्थिनेस' (उड़ान योग्यता) सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है, इसलिए उड़ानों के सामान्य शेड्यूल में थोड़ा समय लग सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

माउंट अनाक क्राकाटाओ जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच स्थित एक अत्यधिक सक्रिय ज्वालामुखी है। 2018 में हुए एक बड़े विस्फोट ने ज्वालामुखी के क्रेटर को आंशिक रूप से ढहा दिया था, जिससे जावा और सुमात्रा के तटों पर विनाशकारी सुनामी आई थी, जिसमें 400 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इंडोनेशिया 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा है, जहाँ दुनिया के सबसे अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंपीय क्षेत्र स्थित हैं।

Did You Know?: इंडोनेशिया में लगभग 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जो इसे दुनिया के सबसे खतरनाक भूकंपीय क्षेत्रों में से एक बनाता है।

Frequently Asked Questions

1. कौन से हवाई अड्डे फिर से खोले गए हैं?
जकार्ता का सुकर्णो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सहित पांच प्रमुख हवाई अड्डे फिर से खोले गए हैं।

2. ज्वालामुखी की राख विमानों के लिए क्यों खतरनाक है?
ज्वालामुखी की राख में सिलिका जैसे कण होते हैं जो विमान के इंजन में प्रवेश कर उन्हें पिघला सकते हैं और इंजन को पूरी तरह से खराब कर सकते हैं।