अमेरिकी श्रम विभाग ने कथित वीजा धोखाधड़ी और अनियमितताओं की जांच के चलते आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट (Cognizant) और क्लाउडरा (Cloudera) की PERM फाइलिंग को निलंबित कर दिया है। यह कदम अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा और वीजा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है।
- अमेरिकी श्रम विभाग ने कॉग्निजेंट और क्लाउडरा की PERM फाइलिंग पर रोक लगाई है।
- यह कार्रवाई व्हाइट हाउस की फ्रॉड टास्क फोर्स द्वारा की गई एक व्यापक जांच का हिस्सा है।
- PERM प्रक्रिया ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) प्राप्त करने का पहला और अनिवार्य चरण है।
- जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी कर्मचारियों के कारण अमेरिकी नागरिकों के रोजगार के अवसर प्रभावित न हों।
वाशिंगटन से आ रही खबरों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में वीजा प्रणालियों के दुरुपयोग के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। इस कड़ी में, भारतीय मूल की वैश्विक आईटी कंपनी Cognizant और Cloudera की PERM (Program Electronic Review Management) फाइलिंग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी एस्पोसिटो ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
PERM प्रक्रिया वह महत्वपूर्ण कानूनी कदम है जिसके माध्यम से अमेरिकी कंपनियां यह प्रमाणित करती हैं कि किसी विशेष पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी नागरिक उपलब्ध नहीं है, जिसके बाद वे विदेशी कर्मचारी को स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए स्पॉन्सर कर सकती हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को अमेरिकी श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी आव्रजन नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। जब एक बड़ी कंपनी जैसे कॉग्निजेंट पर ऐसी रोक लगती है, तो यह अन्य आउटसोर्सिंग कंपनियों के लिए एक चेतावनी है कि 'बिज़नेस एज़ यूज़ुअल' का दौर समाप्त हो चुका है। यह सीधे तौर पर उन हजारों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को प्रभावित करेगा जो अमेरिका में स्थायी निवास की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वीजा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और कथित तौर पर अमेरिकी नौकरियों को विस्थापित करने की कोशिशें अब कानूनी कार्रवाई के दायरे में हैं, जिससे आईटी सेक्टर में अनिश्चितता बढ़ेगी।
अमेरिकी सरकार का आरोप है कि कुछ कंपनियां H-1B और PERM कार्यक्रमों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं ताकि वे कम लागत वाले विदेशी श्रम का उपयोग कर सकें और अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसरों को कम कर सकें। जुलाई में शुरू हुई इस जांच के तहत अब वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है।
ऐतिहासिक रूप से, कॉग्निजेंट ने अमेरिका में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। 2020 में कंपनी को 9,413 H-1B वीजा याचिकाओं की मंजूरी मिली थी, जो जून 2026 तक घटकर 3,510 रह गई है। यह गिरावट पहले से ही कंपनी की घटती निर्भरता या सख्त होते नियमों की ओर इशारा कर रही थी, लेकिन वर्तमान निलंबन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
| वीजा/प्रक्रिया | मुख्य उद्देश्य | वर्तमान स्थिति (Cognizant) |
|---|---|---|
| H-1B Visa | विशेषज्ञ विदेशी कर्मचारियों को अल्पकालिक रोजगार देना | सक्रिय, लेकिन संख्या में गिरावट |
| PERM Process | ग्रीन कार्ड के लिए श्रम प्रमाणन (Labor Certification) | निलंबित (Suspended) |
Frequently Asked Questions
1. PERM फाइलिंग रुकने का कर्मचारियों पर क्या असर होगा?
जिन कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू होने वाली थी या लंबित थी, उनके आवेदन अब आगे नहीं बढ़ पाएंगे, जिससे उनकी स्थायी निवास की समयसीमा अनिश्चित हो जाएगी।
2. क्या यह रोक सभी विदेशी कर्मचारियों पर लागू है?
नहीं, यह केवल उन नई फाइलिंग्स पर लागू है जो कॉग्निजेंट और क्लाउडरा के माध्यम से की जानी थीं; यह मौजूदा वैध वीजा को तुरंत रद्द नहीं करता है।