यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेना ने राजधानी सना को पुन: प्राप्त करने के लिए हुथी विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा जवाबी हमला शुरू किया है। अल-बयदा और अल-जौफ प्रांतों में लड़ाई तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।
- यमन सरकार ने राजधानी सना को हुथी नियंत्रण से मुक्त कराने का संकल्प लिया है।
- अल-बयदा और अल-जौफ प्रांतों में भीषण युद्ध छिड़ा हुआ है।
- WHO के अनुसार, हालिया संघर्ष में लगभग 900 लोग मारे गए या घायल हुए हैं।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हजारों लोगों के विस्थापन की चेतावनी दी है।
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के प्रति वफादार सेनाओं ने हुथी विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़े जवाबी हमले की शुरुआत की है। अधिकारियों का कहना है कि उनका प्राथमिक लक्ष्य राजधानी सना को वापस लेना है, जिसे ईरान समर्थित हुथी समूह ने एक दशक से अधिक समय पहले कब्जा लिया था।
यमन के उप रक्षा मंत्री, मेजर जनरल समीर अल-सबरी ने सोमवार को राज्य टेलीविजन पर एक बयान में स्पष्ट किया कि "सना को वापस लेने का निर्णय ले लिया गया है"। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अल-बयदा और अल-जौफ प्रांतों में संघर्ष अपने चरम पर है, जिन्हें राजधानी की ओर जाने वाला मुख्य द्वार माना जाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यमन में यह नया सैन्य अभियान केवल स्थानीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसके व्यापक क्षेत्रीय परिणाम हो सकते हैं। यदि सरकार सना पर नियंत्रण पाने में सफल होती है, तो यह मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को पूरी तरह से बदल सकता है। वहीं, लड़ाई का विस्तार लाल सागर के महत्वपूर्ण जलमार्गों तक पहुँच सकता है, जो वैश्विक व्यापार के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है।
यमन में चल रहा यह संघर्ष केवल सत्ता का संघर्ष नहीं है, बल्कि यह पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए एक अग्निपरीक्षा है।
सरकारी गठबंधन के प्रवक्ता माजिद अल-नुज़ैली ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यमन को हुथियों की पकड़ से मुक्त करना और सना को सभी यमनियों के लिए फिर से राजधानी के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने नागरिकों को सना की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों, जैसे कि मारिब और अल-जौफ को जोड़ने वाले रास्तों से बचने की चेतावनी भी दी है।
यह संघर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मध्यस्थता की गई युद्धविराम के बाद सबसे गंभीर सैन्य वृद्धि है। पिछले कुछ महीनों में, तनाव तब और बढ़ गया जब सरकारी बलों ने सना के हुथी-नियंत्रित हवाई अड्डे पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में, हुथियों ने लाल सागर में महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास सऊदी जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी की घोषणा कर दी है।
युद्ध के मानवीय प्रभाव भयावह हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रिपोर्ट दी है कि पिछले कुछ दिनों में लगभग 900 लोग मारे गए या घायल हुए हैं। केवल ताइज़ में ही लगभग 21,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यमन सरकार का मुख्य लक्ष्य क्या है?
उत्तर: सरकार का मुख्य लक्ष्य हुथी विद्रोहियों के नियंत्रण से राजधानी सना को मुक्त कराना और पूरे देश में राज्य के संस्थानों को बहाल करना है।
प्रश्न 2: इस संघर्ष का वैश्विक व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर: संघर्ष का विस्तार बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य तक होने से लाल सागर के माध्यम से होने वाले वैश्विक तेल और मालवाहक शिपिंग मार्ग बाधित हो सकते हैं।