भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की उपस्थिति अभी तक अनिश्चित है। विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
- प्रधानमंत्री तारिक रहमान की ब्रिक्स आउटरीच सत्र में उपस्थिति अभी तक पुष्ट नहीं हुई है।
- भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
- शेख हसीना को राजनीतिक शरण देने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव देखा जा रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने इस बात से इनकार कर दिया है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत में होने वाले आउटरीच सत्र में भाग लेंगे या नहीं। न्यूयॉर्क में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पूछे गए सवाल पर रहमान ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, जिससे ढाका की योजनाओं पर अनिश्चितता बनी हुई है।
भारत इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी 12 और 13 सितंबर को करेगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक परिणामों सहित कई वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करना है। भारत ने तारिक रहमान को BIMSTEC (बे ऑफ बंगाल पहल) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया है, जिसमें भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल और भूटान शामिल हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह अनिश्चितता केवल एक प्रोटोकॉल का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह गहरे राजनीतिक तनाव का संकेत है। अगस्त 2024 में युवा नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत आने और वहां राजनीतिक शरण पाने के बाद से ढाका और नई दिल्ली के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। तारिक रहमान का भारत दौरा यह तय करेगा कि क्या दोनों देश अपने मतभेदों को पीछे छोड़कर नए सिरे से द्विपक्षीय संबंधों की शुरुआत कर सकते हैं।
"ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश की भागीदारी केवल क्षेत्रीय सहयोग का मामला नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत की नई कूटनीतिक स्वीकार्यता की परीक्षा है।"
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने भी पुष्टि की है कि ढाका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि प्राप्त नहीं हुई है। यह चुप्पी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश दे रही है कि बांग्लादेश की नई सरकार भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत सावधानी से संतुलित कर रही है।
ऐतिहासिक रूप से, ब्रिक्स समूह (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और यूएई को शामिल कर अपना विस्तार किया, और 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो गया। वर्तमान में यह समूह वैश्विक जनसंख्या का लगभग 49.5% और वैश्विक जीडीपी का 40% प्रतिनिधित्व करता है।
| विशेषता | BRICS (मूल) | विस्तारित BRICS (2025) |
|---|---|---|
| सदस्य संख्या | 5 | 11 |
| वैश्विक जीडीपी हिस्सा | ~25% | ~40% |
| वैश्विक जनसंख्या | ~30% | ~49.5% |
Frequently Asked Questions
1. तारिक रहमान को भारत ने किस क्षमता में आमंत्रित किया है?
उन्हें BIMSTEC के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में ब्रिक्स के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
2. भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत द्वारा दी गई राजनीतिक शरण है, जो अगस्त 2024 के विद्रोह के बाद बांग्लादेश से पलायन कर गई थीं।