श्रीलंका के नेगोम्बो जेल में हुए भीषण दंगों में मारे गए केरल निवासी एक भारतीय नागरिक का राज्य के खर्च पर और कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। इस हिंसा में दर्जनों कैदियों और अधिकारियों की जान गई थी।
- नेगोम्बो जेल में जुलाई में हुए दंगों में केरल निवासी उन्नीकृष्णन एस की मृत्यु हुई।
- मृतक का अंतिम संस्कार 2 सितंबर को राज्य के खर्च पर और पुलिस सुरक्षा में किया गया।
- दंगों में कुल 22 कैदी और 10 जेल अधिकारी मारे गए थे।
- मामले में 81 संदिग्धों पर मुकदमा चलाने की तैयारी है।
श्रीलंका के पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो की एक जेल में जुलाई महीने में भड़के भीषण दंगों में मारे गए एक भारतीय नागरिक का अंतिम संस्कार कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। आपराधिक जांच विभाग (CID) ने मंगलवार को नेगोम्बो मजिस्ट्रेट कोर्ट को सूचित किया कि 73 वर्षीय मृतक का अंतिम संस्कार 2 सितंबर को अदालत के निर्देशानुसार और राज्य के खर्च पर किया गया है। इस दुखद अवसर पर कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक की पहचान उन्नीकृष्णन एस के रूप में हुई है, जो मूल रूप से केरल के थे लेकिन पिछले चार दशकों से अधिक समय से अपने परिवार के साथ चेन्नई में रह रहे थे। वे 2 मार्च को श्रीलंका पहुंचे थे, जहां उन्हें गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नेगोम्बो जेल में रखा गया था, जहां 5 और 6 जुलाई के बीच कैदियों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में उनकी जान चली गई।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि श्रीलंका की जेल प्रणाली की गंभीर विफलता को दर्शाती है। जेलों में अत्यधिक भीड़ (Overcrowding) और नशीली दवाओं के व्यापार पर नियंत्रण की कमी ने एक ऐसे माहौल को जन्म दिया जहां मामूली विवाद सामूहिक हत्याकांड में बदल गए। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय है क्योंकि इसमें विदेशी नागरिक भी शिकार हुए हैं।
जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों का होना और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी किसी भी समय ऐसी बड़ी हिंसा का कारण बन सकती है।
CID ने मुख्य मजिस्ट्रेट शिलानी परेरा को सूचित किया कि मृतक के कपड़े और जूते फोरेंसिक जांच के लिए अदालत को सौंप दिए गए हैं। यह मामला उन संदिग्धों के खिलाफ चल रहा है जिन्होंने इस दंगे को अंजाम दिया था। मंगलवार को पांच संदिग्धों की पहचान परेड (Identification Parade) आयोजित की गई, जबकि 11 अन्य संदिग्धों की परेड 10 सितंबर के लिए निर्धारित है। कुल 81 संदिग्धों के खिलाफ मुकदमे चलाने की संभावना है।
यह दंगा हाल के वर्षों में श्रीलंका की जेल हिंसा की सबसे घातक घटनाओं में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह हिंसा कैदियों के दो प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच ड्रग्स को लेकर हुए विवाद के कारण शुरू हुई थी। जेल में क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण अधिकारियों के लिए समय रहते स्थिति को नियंत्रित करना असंभव हो गया था।
Frequently Asked Questions
1. भारतीय नागरिक की मृत्यु कैसे हुई?
केरल निवासी उन्नीकृष्णन एस की मृत्यु जुलाई में नेगोम्बो जेल में ड्रग्स विवाद के कारण भड़के कैदियों के दंगों के दौरान हुई।
2. इस जेल हिंसा में कुल कितने लोग मारे गए?
इस भीषण हिंसा में 22 कैदी और 10 जेल अधिकारी मारे गए थे, जबकि लगभग 100 अन्य घायल हुए थे।