ब्रिटिश शासन के बाद हांगकांग के पहले नेता रहे तुंग ची-ह्वा का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनका कार्यकाल आर्थिक संकटों, महामारियों और बड़े पैमाने पर हुए नागरिक विरोध प्रदर्शनों के लिए याद किया जाएगा।
- तुंग ची-ह्वा 1997 में ब्रिटिश गवर्नर क्रिस पैटन के बाद हांगकांग के पहले चीफ एग्जीक्यूटिव बने।
- उनका कार्यकाल एशियाई वित्तीय संकट, बर्ड फ्लू और SARS महामारी जैसी चुनौतियों से घिरा रहा।
- 2003 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के खिलाफ 5 लाख लोगों के विरोध के बाद उन्होंने 2005 में इस्तीफा दिया।
हांगकांग के पहले उत्तर-औपनिवेशिक नेता तुंग ची-ह्वा का मंगलवार रात अपने परिजनों के बीच 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। तुंग ने जुलाई 1997 में उस ऐतिहासिक क्षण की कमान संभाली थी जब यूनाइटेड किंगडम ने 150 वर्षों के नियंत्रण के बाद हांगकांग को चीन को वापस सौंपा था। उनके कार्यालय ने उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया जो "अपने देश और उसके लोगों के प्रति समर्पित" थे।
तुंग का जन्म 1937 में शंघाई में हुआ था। उन्होंने ब्रिटेन की लिवरपूल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और लगभग एक दशक तक अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक (GE) कंपनी में काम किया। 1969 में वे हांगकांग लौटे और अपने पिता के शिपिंग साम्राज्य, ओरिएंट ओवरसीज में शामिल हुए, जिसकी कमान उन्होंने 1979 में संभाली।
राजनीतिक क्षेत्र में उनका प्रवेश 1992 में हुआ जब उन्हें क्रिस पैटन की कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया। हालांकि उनके पास राजनीतिक अनुभव कम था, लेकिन बीजिंग द्वारा उन्हें विशेष रूप से चुना गया था। 1985 में, उन्होंने हांगकांग के मिनी-संविधान 'बेसिक लॉ' के लेखन में सहायता करने वाली समिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Tung's tenure served as the primary testing ground for the 'One Country, Two Systems' framework. His transition from a corporate scion to a political leader mirrored Beijing's initial strategy of using loyalist business elites to manage the handover, a strategy that eventually clashed with Hong Kong's growing demand for democratic autonomy.
तुंग ची-ह्वा का इस्तीफा केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं था, बल्कि यह हांगकांग की जनता और बीजिंग की उम्मीदों के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम था।
तुंग का कार्यकाल चुनौतियों से भरा रहा। उनके शासन के दौरान एशियाई वित्तीय संकट ने रियल एस्टेट की कीमतों को गिरा दिया। इसके साथ ही, 1997 से 2002 तक बर्ड फ्लू और 2003 में SARS (Severe Acute Respiratory Syndrome) जैसी महामारियों ने शहर को हिलाकर रख दिया।
उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन दौर जुलाई 2003 में आया, जब प्रस्तावित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के विरोध में लगभग 5 लाख लोग सड़कों पर उतर आए। इस भारी जन-दबाव के कारण उनके प्रशासन को कानून वापस लेना पड़ा, जिसने अंततः मार्च 2005 में उनके इस्तीफे का मार्ग प्रशस्त किया। हालांकि आधिकारिक तौर पर गिरते स्वास्थ्य का हवाला दिया गया, लेकिन व्यापक धारणा थी कि उन पर बीजिंग का दबाव था।
तुंग की अंतिम सार्वजनिक उपस्थिति जुलाई 2021 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई थी। इसके कुछ महीनों बाद उन्होंने हृदय की सर्जरी करवाई थी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: तुंग ची-ह्वा ने इस्तीफा क्यों दिया था?
उत्तर: उन्होंने 2005 में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया, लेकिन माना जाता है कि 2003 के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद बीजिंग के दबाव ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई।
प्रश्न 2: 'बेसिक लॉ' में तुंग की क्या भूमिका थी?
उत्तर: 1985 में, तुंग ने उस समिति का हिस्सा बनकर मदद की जिसने हांगकांग के मिनी-संविधान (बेसिक लॉ) का मसौदा तैयार किया था।