ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक की विवादित इजरायली बस्तियों से जुड़े व्यापार और सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जवाब में इजरायल ने पूर्वी यरूशलेम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया और कई ब्रिटिश सांसदों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
- ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक बस्तियों से आयातित सभी वस्तुओं और सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया है।
- इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में पूर्वी यरूशलेम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया।
- ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने बस्तियों में 'जातीय cleansing' का आरोप लगाया है।
- फ्रांस और कनाडा ने भी इसी तरह के कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
ब्रिटेन और इजरायल के बीच राजनयिक संबंधों में भारी गिरावट आई है। ब्रिटिश सरकार ने वेस्ट बैंक की विवादित इजरायली बस्तियों से जुड़े व्यापार और सेवाओं पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद इजरायल ने तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए पूर्वी यरूशलेम में स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया है और 11 ब्रिटिश सांसदों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इस फैसले का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने स्काई न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि यद्यपि वह इजरायली सरकार की प्रतिक्रिया से निराश हैं, लेकिन वह इस निर्णय पर गर्व करते हैं क्योंकि यह सही कदम था। मिलिबैंड ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'बस्ती आतंकवादी' फिलिस्तीनियों की 'जातीय cleansing' (ethnic cleansing) कर रहे हैं, जिसमें घरों को बुलडोजर से गिराया जा रहा है और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नष्ट किया जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल व्यापारिक नहीं बल्कि एक गहरा राजनीतिक संदेश है। ब्रिटेन का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक लहर पैदा कर रहा है, क्योंकि फ्रांस और कनाडा जैसे देश भी अब इसी राह पर चलने की तैयारी में हैं। यह दर्शाता है कि पश्चिमी देश अब इजरायल की बस्ती विस्तार नीति को भविष्य के द्वि-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) के लिए सबसे बड़ा खतरा मान रहे हैं।
"यह प्रतिबंध इजरायल की विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ वैश्विक दबाव को बढ़ाने का एक रणनीतिक प्रयास है, जो अब केवल निंदा तक सीमित नहीं रहा।"
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इस कदम को 'घृणित' करार दिया है। उन्होंने घोषणा की कि इजरायल गाजा युद्धविराम की निगरानी करने वाले एक संयुक्त सैन्य केंद्र से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को निष्कासित करेगा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण की सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण को समाप्त कर देगा। इसके अलावा, ब्रिटेन के मुख्य रब्बी एफ्रेम मिर्विस ने भी सरकार की आलोचना करते हुए इसे 'जेस्चर पॉलिटिक्स' बताया है।
इस प्रतिबंध के दायरे में आयातित सभी सामान और उन कंपनियों की सेवाएं शामिल हैं जो वित्तपोषण, निर्माण, बुनियादी ढांचे, रियल एस्टेट और विज्ञापन प्रदान करती हैं। यह नियम अगले नौ महीनों के भीतर पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके साथ ही, ब्रिटेन ने इजरायल को हथियारों की बिक्री पर अपने प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया है, विशेष रूप से उन हथियारों के लिए जो कब्जे वाले क्षेत्रों में उपयोग किए जा सकते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)
वेस्ट बैंक वह क्षेत्र है जिसे इजरायल ने 1967 के मध्य पूर्व युद्ध के दौरान कब्जा किया था। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अति-राष्ट्रवादी सरकार के तहत, यहाँ बस्तियों का निर्माण तेजी से बढ़ा है। इजरायल इस क्षेत्र को यहूदियों का ऐतिहासिक घर मानता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र इसे अवैध मानते हैं। विशेष रूप से 'E1 प्रोजेक्ट' को लेकर दुनिया भर में चिंता है, क्योंकि यह फिलिस्तीनी क्षेत्र को दो हिस्सों में विभाजित कर सकता है।
| पक्ष | ब्रिटेन का रुख | इजरायल का रुख |
|---|---|---|
| बस्तियां | अवैध और शांति में बाधक | ऐतिहासिक और धार्मिक अधिकार |
| व्यापार | पूर्ण प्रतिबंध (आगामी 9 माह में) | प्रतिबंध को 'घृणित' माना |
| राजनयिक संबंध | मानवाधिकारों पर जोर | वाणिज्य दूतावास बंद, सांसदों पर बैन |
Frequently Asked Questions
1. ब्रिटेन ने यह प्रतिबंध क्यों लगाया?
ब्रिटेन का मानना है कि वेस्ट बैंक में बस्तियों का विस्तार फिलिस्तीनी राज्य की संभावना को खत्म कर रहा है और वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
2. इजरायल ने ब्रिटेन के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
इजरायल ने पूर्वी यरूशलेम में ब्रिटिश दूतावास बंद कर दिया, 11 सांसदों के प्रवेश पर रोक लगा दी और सैन्य सहयोग कम करने की घोषणा की।