अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमलों के सिलसिले ने वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा दी है। अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जबकि तेहरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमले किए।
- अमेरिकी सेना ने IRGC से जुड़े 5 ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया, जिनमें से एक डूब गया।
- ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं, जिनमें से 18 को मार गिराया गया।
- तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
- हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर भी हमले किए हैं।
मध्य पूर्व में तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने मंगलवार को पांच ईरानी तेल टैंकरों पर सटीक हमले किए। इनमें से एक टैंकर, M/T Riesco, ओमान की खाड़ी में पूरी तरह डूब गया। अमेरिका का दावा है कि ये जहाज एक बहु-अरब डॉलर के 'शैडो नेटवर्क' का हिस्सा थे, जो ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और उसके क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को वित्तपोषित करते हैं।
ईरान ने इस कार्रवाई का जवाब जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले करके दिया। जॉर्डन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि कुल 20 मिसाइलों में से 18 को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया, जबकि दो मिसाइलें निर्जन क्षेत्रों में गिरीं। इसके अलावा, ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संघर्ष अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक युद्ध में बदल चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। खार्ग द्वीप, जहां अमेरिका ने एक टैंकर को निशाना बनाया, ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है, जहाँ से देश का लगभग 90% कच्चा तेल गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी बड़ी बाधा का मतलब वैश्विक ऊर्जा संकट और महंगाई में भारी उछाल होगा।
"ईरान अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश करना जारी रखेगा, और इसके जवाब में वे अपने टैंकर खोते रहेंगे।" - मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री।
इस तनाव के बीच, यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब के ऊर्जा संयंत्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिसमें 73 लोग घायल हुए। सऊदी अरब ने इन हमलों के कारण अपने कुछ तेल संचालन को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।
एक अन्य विवादित घटना में, ईरान ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी बिना चालक वाला (uncrewed) पनडुब्बी ड्रोन जब्त कर लिया है। हालांकि, सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने स्पष्ट किया कि वह ड्रोन एक पुराना मॉडल था जो तकनीकी खराबी के कारण काम करना बंद कर चुका था और उसमें कोई संवेदनशील डेटा नहीं था।
| पक्ष | मुख्य कार्रवाई | प्रभाव/नुकसान |
|---|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 5 ईरानी टैंकरों पर हमला | M/T Riesco जहाज डूबा |
| ईरान | जॉर्डन बेस पर मिसाइल हमला | 18 मिसाइलें नष्ट, 2 निर्जन क्षेत्र में गिरीं |
| हूती विद्रोही | सऊदी तेल संयंत्रों पर हमला | 73 घायल, संचालन बाधित |
Frequently Asked Questions
1. तेल की कीमतों पर इस संघर्ष का क्या प्रभाव पड़ा है?
तनाव बढ़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1.5% बढ़कर $99.35 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
2. खार्ग द्वीप का महत्व क्या है?
यह ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है, जहाँ से देश के कच्चे तेल का लगभग 90% हिस्सा निर्यात किया जाता है।