इज़राइल के सबसे लंबे समय तक serving प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आगामी चुनावों से पहले अपनी पुरानी रणनीति अपना रहे हैं, जहाँ वे अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए खुद को व्यवस्था का शिकार बता रहे हैं।
- नेतन्याहू अपनी राजनीतिक विफलताओं और गाजा में नरसंहार के आरोपों को 'विक्टिमहुड' (पीड़ित होने के भाव) के जरिए मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
- वे खुद को 'डीप स्टेट' और पुराने अभिजात वर्ग (Elite) के खिलाफ आम जनता का प्रतिनिधि बता रहे हैं।
- चुनाव प्रचार के लिए ऐसे विज्ञापनों का उपयोग किया जा रहा है जिसमें उन्हें एक प्रताड़ित बच्चे के रूप में दिखाया गया है।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जो देश के इतिहास में सबसे सफल और सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेता माने जाते हैं, एक बार फिर अपनी राजनीतिक उत्तरजीविता (survival) के लिए एक विवादित रणनीति का सहारा ले रहे हैं। गाजा में जारी भीषण सैन्य अभियान और अक्टूबर 7 की सुरक्षा विफलता के बाद, जब पूरी दुनिया में उन पर नरसंहार के आरोप लग रहे हैं, नेतन्याहू ने खुद को एक 'पीड़ित' के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू अपनी 13वीं संसदीय चुनाव दौड़ की तैयारी कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि वे वही पुराना तरीका अपना रहे हैं जिसमें वे गंभीर आरोपों का जवाब तर्क से नहीं, बल्कि ध्यान भटकाने, कानूनी धमकियों और खुद को प्रताड़ित दिखाने वाले दावों से देते हैं। हाल ही में एक राजनीतिक विज्ञापन में उन्हें एक ऐसे बच्चे के रूप में दिखाया गया जिसे उसके सहपाठी परेशान कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर उनके विरोधियों पर हमला है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि नेतन्याहू का यह दृष्टिकोण केवल व्यक्तिगत रक्षा नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी लोकलुभावन (populist) रणनीति है। वे जानते हैं कि उनके समर्थक, विशेष रूप से मिज़राही यहूदी, खुद को ऐतिहासिक रूप से यूरोपीय यहूदी (Ashkenazi) अभिजात वर्ग के खिलाफ देखते हैं। इस भावना को हवा देकर नेतन्याहू अपनी गलतियों को 'सिस्टम की साजिश' बताकर खारिज कर देते हैं।
"नेतन्याहू की रणनीति खुद को 'जनता' के प्रतिनिधि के रूप में पेश करना है, जो एक अदृश्य 'डीप स्टेट' के शिकार हैं, ताकि उनकी नेतृत्व क्षमता की कमजोरी छिप सके।"
नेतन्याहू की यह शैली वैश्विक स्तर पर डोनाल्ड ट्रंप और विक्टर ओर्बन जैसे नेताओं से मेल खाती है। वे अपनी विफलताओं का दोष रक्षा अधिकारियों पर मढ़ रहे हैं, यहाँ तक कि यह दावा किया गया कि अक्टूबर 7 के हमले के दौरान उन्हें जानबूझकर नहीं जगाया गया। यह रणनीति उन्हें जवाबदेही से बचाने का एक कवच प्रदान करती है।
ऐतिहासिक रूप से, नेतन्याहू ने इज़राइली राजनीति को दक्षिणपंथ की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे अब कट्टरपंथी समूहों जैसे 'इरगुन' (Irgun) की विरासत के साथ खुद को जोड़ रहे हैं, ताकि उनके कट्टर समर्थकों के बीच उनकी पकड़ मजबूत बनी रहे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: नेतन्याहू खुद को पीड़ित क्यों बता रहे हैं?
उत्तर: यह एक राजनीतिक रणनीति है ताकि वे गाजा नरसंहार और सुरक्षा विफलताओं जैसे गंभीर आरोपों से ध्यान हटाकर अपने समर्थकों की सहानुभूति जीत सकें।
प्रश्न 2: 'डीप स्टेट' का आरोप लगाने का क्या मतलब है?
उत्तर: इसका मतलब है कि वे यह दावा कर रहे हैं कि सरकार के भीतर कुछ शक्तिशाली और गुप्त अधिकारी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।