राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सुरक्षा परिषद सहित वैश्विक संस्थानों में बड़े सुधारों की मांग करेंगे।
- राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
- यूएन प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस बहुध्रुवीयता और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की वकालत करेंगे।
- भारत और फ्रांस ने सैटेलाइट लॉन्च और स्पेस सर्विलांस के लिए तीन नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
- नेपाल में बाढ़ और चीन में जहाज दुर्घटना जैसे क्षेत्रीय संकटों के बीच यह सम्मेलन हो रहा है।
एशिया का राजनयिक परिदृश्य एक बड़े बदलाव की ओर है क्योंकि नई दिल्ली 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे की पुष्टि ने भारत-चीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की मांग के बीच हो रहा है।
इस सम्मेलन के महत्व को बढ़ाते हुए, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस मंच का उपयोग 'बहुध्रुवीयता' (Multipolarity) के विचार को आगे बढ़ाने के लिए करेंगे। गुटेरेस विशेष रूप से बहुपक्षीय संस्थानों, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों पर जोर देंगे, ताकि वे 21वीं सदी की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित कर सकें।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, ब्रिक्स नेताओं और यूएन प्रमुख का भारत में एक साथ आना 'पश्चिमी प्रभुत्व' के बाद के वैश्विक शासन मॉडल की बढ़ती इच्छा को दर्शाता है। इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करके, भारत खुद को ग्लोबल साउथ और स्थापित वैश्विक शक्तियों के बीच एक सेतु के रूप में स्थापित कर रहा है।
ब्रिक्स के लक्ष्यों और यूएन के सुधार आह्वान का मेल एक विकेंद्रीकृत वैश्विक शक्ति संरचना की ओर इशारा करता है।
शिखर सम्मेलन के अलावा, भारत अपनी रणनीतिक पहुंच का विस्तार कर रहा है। पेरिस में, भारत और फ्रांस ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए तीन नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें सैटेलाइट लॉन्च, अंतरिक्ष निगरानी और माइक्रो-सैटेलाइट तकनीक शामिल है।
हालांकि, यह सम्मेलन कई क्षेत्रीय संकटों के बीच हो रहा है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से स्थिति गंभीर है, जहां 1,377 लोगों की मौत हो चुकी है और 5,000 से अधिक लोग लापता हैं। वहीं, चीन के किंगदाओ बंदरगाह पर एक मालवाहक जहाज में आग लगने से 25 लोगों की जान चली गई।
राजनयिक तनाव भी बरकरार हैं। बांग्लादेश ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री तारीक रहमान शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। साथ ही, अमेरिका में होमलैंड सिक्योरिटी के एक विज्ञापन ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें "मिस्टर सिंह" को "स्वयं निर्वासन" (self-deport) करने को कहा गया, जिसे नस्लवादी बताया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. एंटोनियो गुटेरेस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में क्यों शामिल हो रहे हैं?
वह बहुपक्षीय संस्थानों, विशेष रूप से यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार की वकालत करना चाहते हैं ताकि वे वर्तमान वैश्विक शक्ति वितरण के अनुरूप हों।
2. भारत और फ्रांस के बीच किन नए समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं?
दोनों देशों ने सैटेलाइट लॉन्च, अंतरिक्ष निगरानी और माइक्रो-सैटेलाइट तकनीक के क्षेत्र में सहयोग के लिए तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।