वेस्ट बैंक में बढ़ते तनाव के बीच इज़राइली सेना ने एक सप्ताह में 100 से अधिक फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार लोगों में बच्चे, पत्रकार और हाल ही में रिहा किए गए कैदी भी शामिल हैं, जिससे क्षेत्र में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप तेज हो गए हैं।

  • एक सप्ताह के भीतर 100 से अधिक फिलिस्तीनियों की गिरफ्तारी।
  • हिरासत में बच्चों, पत्रकारों और पूर्व कैदियों का शामिल होना।
  • बुरका और बेतुनिया जैसे शहरों में घरों पर छापेमारी और तोड़फोड़।
  • अल्-अक्सा मस्जिद परिसर में बसने वालों (settlers) का बढ़ता हस्तक्षेप।

इज़राइली सेना ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अपनी सैन्य कार्रवाइयों को तेज कर दिया है। फिलिस्तीनी प्रिज़oners सोसाइटी (PPS) के अनुसार, पिछले सात दिनों में 100 से अधिक फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया गया है। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

PPS ने एक विस्तृत बयान में आरोप लगाया है कि इन गिरफ्तारियों के दौरान गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन हुए हैं। रिपोर्ट में क्षेत्र में पूछताछ के दौरान शारीरिक हमलों, परिवारों को धमकी देने और कुछ मामलों में बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हत्याओं (extrajudicial killings) का उल्लेख किया गया है। सेना ने कई घरों पर छापेमारी की, जिससे संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा और कुछ घरों को सैन्य उद्देश्यों के लिए अधिग्रहित कर लिया गया।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा संबंधी नहीं है, बल्कि एक व्यापक मनोवैज्ञानिक दबाव की रणनीति का हिस्सा है। बच्चों और पत्रकारों की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि इज़राइल सूचना के प्रवाह को रोकने और स्थानीय आबादी में डर पैदा करने की कोशिश कर रहा है। विशेष रूप से, उन कैदियों की दोबारा गिरफ्तारी, जिन्हें हाल ही में विनिमय सौदे के तहत रिहा किया गया था, अंतरराष्ट्रीय समझौतों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।

वेस्ट बैंक में वर्तमान सैन्य अभियान नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और फिलिस्तीनी समाज के नेतृत्व को कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति है।

क्षेत्रीय रिपोर्टों के अनुसार, बुरका शहर में एक सुबह की छापेमारी के दौरान 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जहाँ सैनिकों ने छह घंटे तक आतंक मचाया। इसी तरह, रामल्लाह के पास बेतुनिया में विशेष बलों ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ की और पुरुषों को गिरफ्तार किया। वहीं, बेथलेहम के पश्चिम में बत्तूर में एक घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

इस बीच, पूर्वी यरूशलेम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर में तनाव बढ़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइली बसने वाले अब नियमित रूप से परिसर में प्रवेश कर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति कार्यालय ने चेतावनी दी है कि आगामी यहूदी छुट्टियों का उपयोग इस पवित्र स्थल के विभाजन के लिए किया जा सकता है।

क्या आप जानते हैं? अक्टूबर 2023 से अब तक, इज़राइली बलों ने वेस्ट बैंक में 25,000 से अधिक फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया है, जो हाल के दशकों में सबसे अधिक आंकड़ों में से एक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: गिरफ्तार किए गए लोगों में कौन-कौन शामिल हैं?
उत्तर: गिरफ्तार लोगों में बच्चे, पत्रकार (जैसे मुअथ अमरनेह और सबरी जिब्रिल), और हाल ही में रिहा किए गए पूर्व कैदी शामिल हैं।

प्रश्न 2: अल-अक्सा मस्जिद को लेकर क्या विवाद है?
उत्तर: फिलिस्तीनियों को डर है कि इज़राइल समय-आधारित विभाजन को स्थानिक विभाजन (spatial division) में बदल देगा, जिससे मस्जिद परिसर का प्रभावी रूप से बंटवारा हो जाएगा।