संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने सुरक्षा परिषद को आगाह किया है कि यमन में चार साल का नाजुक युद्धविराम समाप्त हो गया है। हूथी विद्रोहियों द्वारा रणनीतिक मोचा बंदरगाह पर कब्जे ने वैश्विक व्यापार मार्गों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
- हूथी विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास रणनीतिक मोचा बंदरगाह पर कब्जा कर लिया है।
- सितंबर 3 के बाद से 11,400 से अधिक परिवार विस्थापित हुए हैं और युद्ध का दायरा पांच प्रांतों तक फैल गया है।
- 1.83 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, जिसमें 22 लाख से अधिक बच्चे कुपोषण का शिकार हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में, यमन के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने स्पष्ट किया कि यमन का संघर्ष अब एक "नए और अधिक खतरनाक चरण" में प्रवेश कर चुका है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब हूथी विद्रोहियों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोचा बंदरगाह पर नियंत्रण कर लिया, जो वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के बेहद करीब है।
ग्रुंडबर्ग के अनुसार, युद्ध अब केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि तइज़, होदेइदा, मारिब, अल-जौफ और अल-बायदा जैसे प्रांतों में तेजी से फैल रहा है। इस सैन्य वृद्धि के कारण नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है और हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। हूथी विद्रोहियों ने न केवल यमन के भीतर हमला किया है, बल्कि सऊदी अरब के नागरिक और ऊर्जा केंद्रों को भी निशाना बनाया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि मोचा बंदरगाह पर हूथी विद्रोहियों का कब्जा केवल एक क्षेत्रीय जीत नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) के लिए एक रणनीतिक दुःस्वप्न है। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यदि यहाँ अस्थिरता बढ़ती है, तो वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बाधित हो सकता है।
यमन के इस संघर्ष के परिणाम अब यमन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की क्षमता रखता है।
बैठक के दौरान, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के राजदूत अब्दुल्ला अली फादेल अल-सादी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वे हूथी विद्रोहियों तक पहुँचने वाले हथियारों और तकनीकी सहायता पर सख्त प्रतिबंध लगाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल व्यक्तिगत हमलों की निंदा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मूल समस्या—हथियारों की तस्करी—को रोकना होगा।
सऊदी अरब के राजदूत अब्दुलअज़ीज़ अल-वसिल ने 8 सितंबर को हुए हमलों की कड़ी निंदा की, जिसमें 73 नागरिक घायल हुए। उन्होंने सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव 2216 और 2722 को सख्ती से लागू करने की मांग की, जो हूथी विद्रोहियों पर प्रतिबंधों और शांति प्रक्रियाओं से संबंधित हैं। साथ ही, अमेरिका ने इस स्थिति के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए हिरासत में लिए गए राजनयिकों और मानवीय कर्मियों की तत्काल रिहाई की मांग की है।
मानवीय स्थिति और भी भयावह है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने यमन को "उच्चतम चिंता वाला भूख हॉटस्पॉट" घोषित किया है। आंकड़ों के अनुसार, 1.83 करोड़ लोग भोजन की भारी कमी से जूझ रहे हैं, और 22 लाख से अधिक बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हैं, जो एक पूरी पीढ़ी के भविष्य को खतरे में डाल रहा है।
Frequently Asked Questions
1. मोचा बंदरगाह का रणनीतिक महत्व क्या है?
मोचा बंदरगाह बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के करीब है, जो वैश्विक तेल और व्यापार शिपिंग के लिए एक मुख्य मार्ग है। यहाँ नियंत्रण का मतलब अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर दबाव बनाने की क्षमता है।
2. यमन में मानवीय संकट कितना गंभीर है?
यमन वर्तमान में दुनिया के सबसे गंभीर भूख संकटों में से एक का सामना कर रहा है, जहाँ 1.83 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं।