अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) एक AI-जनरेटेड 'ट्रांसफॉर्मर्स' पोस्टर के जरिए सिख ट्रक ड्राइवरों को निशाना बनाने के कारण विवादों में है। इस अभियान को नस्लवादी और अपमानजनक बताया जा रहा है।

  • US DHS ने भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों को लक्षित करते हुए एक AI-जनरेटेड पोस्टर जारी किया।
  • पोस्टर में 'मिस्टर सिंह' नाम का उपयोग कर उन्हें 'एलियन' कहा गया और 'स्वयं निर्वासन' (self-deport) की अपील की गई।
  • सिख समुदाय और मानवाधिकार समूहों ने इसे नस्लवादी और अपमानजनक करार दिया है।
  • DHS ने इसे अवैध प्रवासन और CDL धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई बताया है।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) वर्तमान में एक अत्यंत विवादास्पद विज्ञापन अभियान के कारण वैश्विक आलोचना का सामना कर रहा है। विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके 'ट्रांसफॉर्मर्स' फिल्म की शैली में एक वीडियो और पोस्टर साझा किया, जिसमें भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों को "एलियन" (विदेशी/अवैध) कहकर संबोधित किया गया।

X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए इस ग्राफिक का शीर्षक 'Transformers: Age of Deportations' था, जो प्रसिद्ध फिल्म 'Age of Extinction' की नकल थी। पोस्टर में DHS के प्रतीक चिन्ह वाला एक विशाल रोबोट 'मिस्टर सिंह' नामक व्यक्ति के सामने खड़ा दिखाया गया था। पोस्टर पर लिखा था: "अमेरिका अमेरिकियों के लिए। हमारी सड़कों से हट जाओ; मिस्टर सिंह, तुम्हें गाड़ी चलानी नहीं आती।"

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि नस्लीय प्रोफाइलिंग का एक सुनियोजित प्रयास है। 'सिंह' सरनेम का उपयोग करना सीधे तौर पर सिख समुदाय को निशाना बनाना है। अमेरिका के ट्रक ड्राइविंग उद्योग में सिखों और पंजाबी अमेरिकियों की लगभग 20% हिस्सेदारी है, ऐसे में यह अभियान न केवल एक समुदाय का अपमान है, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यबल को डराने का प्रयास है।

इस अभियान में 'ट्रांसफॉर्मर्स' फिल्म का चुनाव अपने आप में एक विडंबना है। फिल्म में 'एलियंस' (ऑटोबॉट्स) को नायकों के रूप में दिखाया गया है, जिन्होंने बिना अनुमति के पृथ्वी पर कदम रखा लेकिन अंततः इसके रक्षक बने। DHS द्वारा एक ट्रक में बदलने वाले रोबोट (ऑप्टिमस प्राइम) का उपयोग मानव ट्रक ड्राइवरों को नीचा दिखाने के लिए करना उनकी वैचारिक संकीर्णता को दर्शाता है।

"सरकारी मंच का उपयोग किसी विशिष्ट जातीय उपनाम को लक्षित करने के लिए करना एक खतरनाक मिसाल है, जो कानून प्रवर्तन को नस्लीय उत्पीड़न के उपकरण में बदल देता है।"

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया। सिख-अमेरिकी समाचार एंकर एलेक नोलन ने इसे "नस्लवादी और अपमानजनक" बताते हुए अपने परिवार के इतिहास का जिक्र किया, जिनके पूर्वज दशकों पहले बेहतर जीवन की तलाश में अमेरिका आए थे। वहीं, कुछ उपयोगकर्ताओं ने सार्जेंट उदय सिंह की याद दिलाई, जो भारतीय मूल के अमेरिकी सैनिक थे और 2003 में इराक में अमेरिकी सेना के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए थे।

विवाद बढ़ने पर DHS ने अपना बचाव करते हुए उन ड्राइवरों की सूची जारी की जिन्होंने कथित तौर पर CDL (कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस) धोखाधड़ी की थी। इस सूची में भारत, किर्गिस्तान, हैती और उज्बेकिस्तान के नाम शामिल थे। हालांकि, शुरुआती नस्लवादी दृष्टिकोण ने विभाग की विश्वसनीयता को गहरा धक्का पहुंचाया है।

क्या आप जानते हैं?: अमेरिकी परिवहन क्षेत्र में सिख समुदाय की इतनी मजबूत उपस्थिति है कि वे देश की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माने जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: इस विवाद में 'मिस्टर सिंह' नाम का क्या महत्व है?
उत्तर: 'सिंह' सिखों के बीच एक सामान्य उपनाम है। इसका उपयोग करके DHS पर आरोप लगा कि उसने सामान्य अवैध प्रवासन के बजाय एक विशिष्ट धार्मिक और जातीय समूह को निशाना बनाया।

प्रश्न: DHS ने इस पोस्टर का क्या तर्क दिया?
उत्तर: DHS ने दावा किया कि यह अभियान सड़कों को सुरक्षित बनाने और अवैध प्रवासियों द्वारा किए जा रहे ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) धोखाधड़ी को रोकने के लिए था।