अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने 'मिस्टर सिंह' नाम के एक विवादित AI-जनरेटेड विज्ञापन को हटा दिया है, जिसे भारतीय-अमेरिकी समूहों और डेमोक्रेटिक नेताओं ने 'नस्लवादी प्रचार' करार दिया था।

  • DHS ने 'मिस्टर सिंह' को लक्षित करने वाले एक विवादित विज्ञापन को भारी विरोध के बाद हटाया।
  • विज्ञापन में AI-जनरेटेड तस्वीरों का उपयोग कर एक दाढ़ी वाले व्यक्ति को 'सेल्फ-डिपोर्ट' (स्वयं देश छोड़ने) के लिए कहा गया था।
  • गवर्नर गेविन न्यूसम और सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इसे 'नस्लवादी' और 'घृणास्पद' बताया।
  • इस घटना ने अमेरिका में सिख समुदाय की प्रोफाइलिंग और स्टीरियोटाइपिंग की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) को एक अत्यंत विवादास्पद सोशल मीडिया अभियान के कारण भारी आलोचना का सामना करना पड़ा है। विभाग ने एक 'ट्रांसफॉर्मर्स-शैली' का विज्ञापन पोस्ट किया था जिसमें काल्पनिक 'मिस्टर सिंह' को संबोधित करते हुए कहा गया था कि वे 'स्वयं देश छोड़ दें' और यह दावा किया गया कि 'उन्हें गाड़ी चलानी नहीं आती'। इस विज्ञापन में एक भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति की AI-जनरेटेड छवि का उपयोग किया गया था, जिसे भारतीय-अमेरिकी और सिख समुदाय के खिलाफ एक सीधा हमला माना गया।

विवाद तब और बढ़ गया जब अन्य पोस्ट सामने आए, जिसमें ऑप्टिमस प्राइम (ट्रांसफॉर्मर्स का पात्र) को उसी दाढ़ी वाले व्यक्ति के सामने खड़ा दिखाया गया और संदेश लिखा था: 'सेल्फ-डिपोर्ट करो या परिणाम भुगतो।' इसके अलावा, एक वीडियो में मेगाट्रॉन को उन विदेशी नागरिकों की रिहाई पर बातचीत करते दिखाया गया, जिन्हें प्रशासन ने 'एलियंस' (aliens) कहा। इस वीडियो में हरजिंदर सिंह और राजिंदर कुमार जैसे नामों का उल्लेख किया गया, जो सड़क दुर्घटनाओं में शामिल थे। DHS ने तर्क दिया कि वह 'अमेरिकीवाद' और अपने घर की रक्षा करेगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक विज्ञापन की गलती नहीं है, बल्कि संघीय संदेशों में बढ़ते नस्लवाद का संकेत है। 'सिंह' उपनाम, जिसे अमेरिका में 1,60,000 से अधिक लोग साझा करते हैं, उसे लक्षित करना एक पूरी पहचान को अपराधी बनाने जैसा है। जब सरकारी एजेंसियां नीति लागू करने के लिए रूढ़िवादिता (stereotypes) का सहारा लेती हैं, तो यह समाज में दक्षिण एशियाई लोगों के प्रति घृणा को बढ़ावा देता है।

"जब एक संघीय एजेंसी राजनीतिक बिंदु साबित करने के लिए नस्लीय कैरिकेचर का उपयोग करती है, तो वह केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरी विरासत को बदनाम करती है।"

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बहुत तीखी थीं। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने इसे 'घृणास्पद' और 'नस्लवादी प्रचार' बताया। वहीं, सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि सरकार को कभी भी अपनी शक्ति का उपयोग लोगों को demonize करने या यह सुझाव देने के लिए नहीं करना चाहिए कि उनकी आस्था या पहचान के कारण वे यहाँ के योग्य नहीं हैं। दूसरी ओर, DHS ने पलटवार करते हुए गवर्नर न्यूसम पर अवैध प्रवासियों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का आरोप लगाया।

सिख गठबंधन (Sikh Coalition), हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और हिंदु एक्शन जैसे संगठनों ने इस विज्ञापन को 'गैर-अमेरिकी' और 'नस्लवादी' बताया। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने मांग की कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि एक सरकारी एजेंसी द्वारा ऐसा व्यवहार राष्ट्र की सामूहिक चेतना को झकझोर देने वाला है। सिख गठबंधन ने याद दिलाया कि 9/11 के 25 साल बाद भी सिखों को उनके रूप-रंग के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है।

यह विवाद उस समय हुआ जब DHS अपने CBP होम प्रोग्राम का प्रचार कर रहा है। इस कार्यक्रम के तहत, जो undocumented प्रवासी स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने के लिए पंजीकरण कराते हैं, उन्हें यात्रा सहायता और 2,600 अमेरिकी डॉलर का 'एग्जिट बोनस' दिया जाता है। आलोचकों का कहना है कि निर्वासन कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए नस्लवादी तरीकों का उपयोग करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

क्या आप जानते हैं?: 'सिंह' उपनाम, जो सिखों और हिंदुओं द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, का शाब्दिक अर्थ 'शेर' होता है, जो साहस और शक्ति का प्रतीक है।
संस्था/व्यक्ति कार्य/स्थिति मुख्य तर्क
DHS विज्ञापन जारी किया सड़क सुरक्षा और 'अमेरिकीवाद' की रक्षा।
सिख गठबंधन विरोध किया दिखावट के आधार पर सिखों की प्रोफाइलिंग।
गवर्नर गेविन न्यूसम विरोध किया सरकार नस्लवादी प्रचार का सहारा ले रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: 'मिस्टर सिंह' विज्ञापन को नस्लवादी क्यों माना गया?
क्योंकि इसमें एक विशिष्ट उपनाम (सिंह) और दाढ़ी वाले व्यक्ति की छवि का उपयोग कर भारतीय/सिख पुरुषों को अक्षम ड्राइवर और अवांछित प्रवासी के रूप में चित्रित किया गया था।

प्रश्न 2: समाचार में उल्लिखित 'CBP होम प्रोग्राम' क्या है?
यह DHS की एक पहल है जिसके तहत अवैध प्रवासियों को स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने पर यात्रा सहायता और 2,600 डॉलर का बोनस दिया जाता है।