ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विश्व नेताओं का स्वागत करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें पश्चिम एशिया में शांति बहाली पर जोर दिया जाएगा।
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए तेहरान से रवाना हुए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेशकियन के बीच शाम 6:15 बजे द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है।
- भारत पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएगा।
भारत की राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनने जा रही है। ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के उपलक्ष्य में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विभिन्न सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी करेंगी। इस उच्च-स्तरीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और वैश्विक शासन में सुधार लाना है।
इस सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता है। यह बैठक आज शाम 6:15 बजे निर्धारित की गई है। कूटनीतिक गलियारों में इस बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत की भूमिका एक 'शांतिदूत' के रूप में उभर रही है। ईरान के साथ मजबूत संबंध न केवल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि चाबहार बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट्स के माध्यम से मध्य एशिया तक भारत की पहुंच को भी सुनिश्चित करते हैं। पश्चिम एशिया में शांति की अपील करना भारत की संतुलित विदेश नीति का प्रमाण है।
"पश्चिम एशिया में स्थिरता न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक मार्गों के लिए भी अनिवार्य है।"
यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं है, बल्कि पिछले दो हफ्तों पहले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई चर्चाओं का विस्तार है। उस दौरान भी भारत ने स्पष्ट किया था कि निरंतर संघर्ष किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत और ईरान के संबंध सदियों पुराने हैं, जो संस्कृति और व्यापार से जुड़े रहे हैं। हाल के वर्षों में, दोनों देशों ने बुनियादी ढांचे के विकास और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया है। ब्रिक्स का विस्तार अब वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूत कर रहा है, जिसमें भारत एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
Frequently Asked Questions
1. पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेशकियन की बैठक का मुख्य मुद्दा क्या है?
बैठक का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
2. ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की क्या भूमिका है?
भारत इस सम्मेलन में एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है, जो विकासशील देशों के हितों की रक्षा और वैश्विक शांति का समर्थन करता है।