यमन के हूती विद्रोहियों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पेरीम द्वीप और लाल सागर के कई तटीय क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। साथ ही, सऊदी अरब की महत्वपूर्ण पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमले ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को संकट में डाल दिया है।
- हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में रणनीतिक पेरीम द्वीप, हनिश द्वीप और मोचा शहर पर कब्जा किया।
- सऊदी अरब की 1,200 किमी लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमले के बाद परिचालन अस्थायी रूप से बंद।
- क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हूतियों के खिलाफ सैन्य सहायता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संपर्क किया।
- बाब अल-मंडेब और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर सीधा असर।
यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश द्वारों में से एक, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में स्थित रणनीतिक पेरीम द्वीप पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। चार सरकारी सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार की सेना को इस द्वीप से पीछे हटना पड़ा। हूतियों ने न केवल पेरीम, बल्कि मुख्य भूमि के तटीय शहर धुबाब, हनिश द्वीप और महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोचा पर भी तेजी से कब्जा कर लिया है।
यह सैन्य विस्तार वैश्विक व्यापार के लिए एक गंभीर चेतावनी है। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच का एक संकरा गलियारा है, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा व्यापारिक जहाजों के माध्यम से गुजरता है। हूतियों का इस क्षेत्र पर नियंत्रण वैश्विक शिपिंग लागत को बढ़ा सकता है और आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि हूतियों का यह कदम केवल क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है। जब होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण बाधित है, तब बाब अल-मंडेब पर कब्जा करना हूतियों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक शक्तिशाली सौदेबाजी की स्थिति (Bargaining Chip) प्रदान करता है।
"लाल सागर के रणनीतिक बिंदुओं पर हूतियों का नियंत्रण वैश्विक तेल प्रवाह को अस्थिर करने और पश्चिम पर दबाव बनाने का एक प्रभावी हथियार बन गया है।"
इस बीच, सऊदी अरब की ऊर्जा सुरक्षा पर भी बड़ा हमला हुआ है। रियाद और मदीना क्षेत्रों में ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब को अपनी 1,200 किलोमीटर लंबी पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। यह पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के रूप में कार्य करती है और प्रतिदिन लगभग 40 से 50 लाख बैरल तेल ले जाती है। सऊदी अधिकारियों का दावा है कि ये ड्रोन इराक से आए थे, जहाँ ईरान समर्थित मिलिशिया सक्रिय हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कई बार बात की और सैन्य हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, वाशिंगटन ने फिलहाल प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई से इनकार किया है, लेकिन खुफिया जानकारी साझा करने और लक्ष्य निर्धारण (Targeting) में मदद करने का आश्वासन दिया है।
ऐतिहासिक रूप से, बाब अल-मंडेब क्षेत्र हमेशा से भू-राजनीतिक संघर्षों का केंद्र रहा है। ईरान द्वारा हूतियों को हथियारों, फंडिंग और वरिष्ठ अधिकारियों की आपूर्ति के आरोपों ने इस संघर्ष को एक 'प्रॉक्सि वॉर' (Proxy War) में बदल दिया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, सऊदी कच्चे तेल की आपूर्ति पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, जिससे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने की राह पर हैं।
| क्षेत्र/मार्ग | महत्व | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| बाब अल-मंडेब | लाल सागर का प्रवेश द्वार | हूती नियंत्रण में (उच्च जोखिम) |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | वैश्विक तेल व्यापार का 20% | युद्ध के कारण गंभीर व्यवधान |
| सऊदी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन | होर्मुज का विकल्प | ड्रोन हमले के कारण बाधित |
Frequently Asked Questions
1. हूतियों द्वारा पेरीम द्वीप पर कब्जा वैश्विक अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करेगा?
पेरीम द्वीप बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के मुहाने पर है। यहाँ नियंत्रण होने से हूतियाँ व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को रोक सकती हैं, जिससे माल ढुलाई महंगी होगी और वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ सकती है।
2. सऊदी अरब की पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
यह पाइपलाइन सऊदी तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजारे बिना सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुँचाती है। यदि यह बाधित होती है, तो दुनिया को तेल की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है।