ईरान के राष्ट्रपति ने वैश्विक परिदृश्य को 'अत्यंत जटिल' बताते हुए ब्रिक्स देशों से एकजुट होकर जवाब देने का आह्वान किया है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया।

  • ईरान के राष्ट्रपति ने वर्तमान वैश्विक स्थिति को इतिहास के सबसे जटिल दौरों में से एक बताया।
  • नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम का आयोजन किया गया।
  • ईरान ने वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार और ब्रिक्स की सक्रिय भूमिका की मांग की।

नई दिल्ली में औपचारिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति ने दुनिया की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था एक ऐसे मोड़ पर हैं जहाँ पुराने नियम अब प्रभावी नहीं रहे और दुनिया एक अत्यंत जटिल दौर से गुजर रही है।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स (BRICS) जैसे समूह के पास यह क्षमता है कि वह पश्चिमी प्रभुत्व वाली वित्तीय और राजनीतिक प्रणालियों का एक विश्वसनीय विकल्प पेश कर सके। उन्होंने कहा कि जब तक दुनिया के प्रमुख आर्थिक केंद्र एकजुट नहीं होंगे, तब तक वैश्विक अस्थिरता को कम करना संभव नहीं होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Iran's push for a more cohesive BRICS response indicates a strategic shift toward the 'Global South'. By leveraging the BRICS platform, Iran aims to neutralize the impact of unilateral sanctions and foster a multipolar world order where emerging economies have a greater say in global decision-making.

"The integration of Iran into the BRICS framework represents a pivotal shift in geopolitical alliances, challenging the traditional hegemony of the G7."

ऐतिहासिक रूप से, ब्रिक्स समूह ने वैश्विक व्यापार और विकास के नए मॉडल पेश किए हैं। ईरान का इस मंच पर सक्रिय होना न केवल उसकी आर्थिक जरूरतों को दर्शाता है, बल्कि यह मध्य पूर्व और एशिया के बीच एक नए रणनीतिक सेतु के निर्माण की कोशिश भी है।

फोरम के दौरान विभिन्न देशों के व्यापारिक प्रतिनिधियों ने चर्चा की कि कैसे डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों के माध्यम से सदस्य देश अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं। यह कदम डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: ब्रिक्स (BRICS) मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह था, लेकिन अब यह कई नए सदस्य देशों के साथ एक व्यापक वैश्विक गठबंधन में बदल चुका है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ब्रिक्स बिजनेस फोरम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना और शिखर सम्मेलन से पहले आर्थिक सहयोग के रोडमैप तैयार करना था।

प्रश्न 2: ईरान ने वैश्विक स्थिति को 'जटिल' क्यों बताया?
उत्तर: भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक प्रतिबंधों और बदलती वैश्विक व्यवस्था के कारण दुनिया वर्तमान में अस्थिरता के दौर से गुजर रही है।