म्यांमार की सैन्य सरकार ने लोकतंत्र समर्थक विद्रोहियों पर मांडले हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले की कोशिश का आरोप लगाया है, जिसके कारण सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
- मांडले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कथित तौर पर 6 'सुसाइड ड्रोन' से हमला किया गया।
- सुरक्षा कारणों से 11 और 12 सितंबर की सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द।
- सैन्य सरकार ने इस हमले के लिए 'पीपुल्स डिफेंस फोर्स' (PDF) को जिम्मेदार ठहराया है।
म्यांमार के दूसरे सबसे व्यस्त हवाई अड्डे, मांडले के तादा-यू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया है। म्यांमार एयरवेज इंटरनेशनल ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि सुरक्षा चिंताओं और 'परिचालन कारणों' के चलते 11 और 12 सितंबर की सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। घरेलू उड़ानों को फिलहाल पास के अन्य हवाई अड्डों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
राज्य संचालित मीडिया आउटलेट 'ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमार' के अनुसार, सुरक्षा बलों ने पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) द्वारा किए गए एक बड़े हमले को विफल कर दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विद्रोहियों ने हवाई अड्डे की सुविधा को निशाना बनाने के लिए छह 'सुसाइड ड्रोन' दागे थे। हालांकि, सरकार का दावा है कि इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई और रनवे या विमानों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि म्यांमार के संघर्ष में अब 'ड्रोन युद्ध' एक प्रमुख रणनीति बन गया है। हवाई अड्डों जैसे रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर हमले यह संकेत देते हैं कि विद्रोही समूह अब सैन्य शासन की रसद और वायु सेना की क्षमता को सीधे चुनौती दे रहे हैं। यह केवल एक हमला नहीं, बल्कि सैन्य जुंटा की सुरक्षा खामियों का प्रदर्शन है।
ड्रोन तकनीक ने म्यांमार के गृहयुद्ध में शक्ति संतुलन को बदल दिया है, जिससे कम संसाधनों वाले विद्रोही समूह भी उच्च-मूल्य वाले सैन्य लक्ष्यों को निशाना बना पा रहे हैं।
म्यांमार में यह अस्थिरता फरवरी 2021 के तख्तापलट के बाद से जारी है, जब आंग सान सू की के नेतृत्व वाली चुनी हुई सरकार को हटा दिया गया था। तब से, देश एक भीषण गृहयुद्ध की चपेट में है। हाल ही में, सैन्य समर्थित संसद ने मिन आंग ह्लाइंग को राष्ट्रपति चुनकर सत्ता पर अपनी पकड़ को औपचारिक रूप दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रतिरोध बढ़ता जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में मानवाधिकारों की स्थिति को 'नये निचले स्तर' पर बताया है। रोहिंग्या अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूरता और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के अवैध खनन जैसी गतिविधियों ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। ACLED प्रोजेक्ट के आंकड़ों के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 1,00,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मांडले हवाई अड्डे पर हमले का मुख्य उद्देश्य क्या था?
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विद्रोही बलों का लक्ष्य हवाई अड्डे पर तैनात सैन्य जेट लड़ाकू विमानों को नष्ट करना था।
प्रश्न 2: म्यांमार में वर्तमान राजनीतिक स्थिति क्या है?
देश में सैन्य शासन लागू है, और लोकतंत्र समर्थक समूह तथा जातीय सशस्त्र संगठन सैन्य जुंटा के खिलाफ लड़ रहे हैं।