ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मयून द्वीप और मोचा शहर पर कब्जा कर लिया है। इस कदम से लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के वैश्विक शिपिंग रूट पर हूतियों का नियंत्रण काफी बढ़ गया है।
- हूतियों ने रणनीतिक मयून द्वीप (पेरिम) और मोचा शहर पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया।
- सऊदी अरब समर्थित यमनी सेना मोर्चा छोड़कर पीछे हट गई।
- बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के शिपिंग लेन पर अब हूतियों का सीधा प्रभाव होगा।
यमन के संघर्ष में एक नया और खतरनाक मोड़ आया है। हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदुओं में से एक, मयून द्वीप (जिसे पेरिम के नाम से भी जाना जाता है) पर सफलतापूर्वक कब्जा कर लिया है। यह घटना मोचा शहर पर हूतियों के कब्जे के ठीक बाद हुई है, जिसने सऊदी समर्थित सरकारी सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
स्थानीय सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, सऊदी समर्थित सेना के द्वीप खाली करने के तुरंत बाद सशस्त्र हूती लड़ाके नावों के जरिए वहां पहुंचे। वर्तमान में, हूती बंदूकधारी बाब अल-मंदेब के तटों पर तैनात हैं और सैन्य वाहनों के साथ पूरे द्वीप की गश्त कर रहे हैं। मयून द्वीप की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह जलडमरूमध्य को दो शिपिंग लेन में विभाजित करता है, जिससे यहां नियंत्रण रखने वाला पक्ष वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the capture of Mayun Island is not just a tactical victory but a strategic masterstroke. With the Strait of Hormuz facing instability due to Iran-US tensions, Saudi Arabia has increasingly relied on the Red Sea for oil exports. By controlling the Bab el Mandeb Strait, the Houthis now possess the 'kill switch' for a significant portion of global energy transit, granting them immense geopolitical leverage over Western powers and Riyadh.
"The fall of Mayun Island transforms the Houthis from a regional insurgency into a force capable of disrupting global maritime trade at will."
यह संघर्ष 3 सितंबर से और तेज हो गया है, जिसमें ताइज़, होदेइदा, मारीब और अल-बैदा जैसे प्रांतों में भीषण लड़ाई देखी गई है। 10 सितंबर को मोखा (Mocha) बंदरगाह के पतन के बाद, हूतियों ने तेजी से दक्षिण की ओर विस्तार किया है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने हानिश द्वीपसमूह और जुकार द्वीप पर भी अपनी पहुंच बना ली है।
| क्षेत्र | पिछला नियंत्रण | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| मोचा शहर | सऊदी समर्थित सरकार | हूती नियंत्रण |
| मयून द्वीप | सऊदी समर्थित सरकार | हूती नियंत्रण |
| बाब अल-मंदेब | विवादित/सरकारी | हूती प्रभुत्व |
Frequently Asked Questions
1. बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यूरोप और एशिया के बीच तेल और माल परिवहन का सबसे छोटा रास्ता है।
2. हूतियों को किसका समर्थन प्राप्त है?
हूती विद्रोहियों को मुख्य रूप से ईरान का रणनीतिक और सैन्य समर्थन प्राप्त है।