संयुक्त राज्य अमेरिका ने 9/11 के विनाशकारी हमलों की 25वीं बरसी मनाई, जिसमें वर्तमान और पूर्व राष्ट्रपतियों ने हजारों पीड़ितों को याद किया। न्यूयॉर्क के ग्राउंड जीरो से लेकर पेंटागन तक, पूरे देश में शोक और संकल्प की लहर देखी गई।
- अमेरिका ने 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर बड़े पैमाने पर स्मारक कार्यक्रम आयोजित किए।
- वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चार पूर्व राष्ट्रपतियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
- पहली बार, हमलों के बाद जहरीले धुएं से होने वाली बीमारियों से मरने वालों के लिए सातवीं घंटी बजाई गई।
- पीड़ित परिवारों ने सऊदी अरब की भूमिका और जवाबदेही पर सवाल उठाए।
न्यूयॉर्क शहर के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थल पर एक अत्यंत भावुक माहौल में, अमेरिका ने 11 सितंबर के हमलों की 25वीं बरसी मनाई। इस अवसर पर डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडन, बराक ओबामा, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश जैसे दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। न्यूयॉर्क के आसमान में 'ट्रिब्यूट इन लाइट' की दो विशाल किरणें उन टावरों की याद दिला रही थीं जो ढाई दशक पहले ढह गए थे।
पेंटागन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति ट्रंप ने संकल्प दोहराते हुए कहा, "हम इसे कभी नहीं भूलेंगे। यही कारण है कि हम आज लड़ रहे हैं।" उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध को वर्तमान भू-राजनीतिक तनावों, विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के साथ जोड़ा, और स्पष्ट किया कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the 25th anniversary is not just a remembrance of loss, but a reflection of how 9/11 fundamentally reshaped global security architectures and US foreign policy. The presence of five presidents from different eras underscores the enduring trauma and the political continuity of the 'War on Terror' narrative, which continues to influence modern conflicts in the Middle East.
"The 9/11 attacks didn't just destroy buildings; they dismantled the illusion of American invulnerability, creating a permanent state of vigilance that defines the 21st century."
इस वर्ष के समारोह में एक हृदयविदारक पहलू यह रहा कि हमलों के समय जीवित बचे लोगों के साथ-साथ उन हजारों लोगों को भी याद किया गया, जिन्होंने मलबे से निकलने वाले जहरीले धुएं और धूल के कारण कैंसर जैसी बीमारियों से दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन बीमारियों से होने वाली मौतों की संख्या मूल हमलों में मारे गए लोगों से तीन गुना अधिक हो चुकी है।
समारोह के दौरान टेरी स्ट्राडा, जो '9/11 फैमिलीज़ यूनाइटेड' की अध्यक्ष हैं, ने सऊदी अरब की भूमिका पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने दुनिया के सामने यह सवाल किया कि 25 साल बीत जाने के बाद भी सऊदी अरब को उसकी कथित संलिप्तता के लिए जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया गया। हालांकि, सऊदी सरकार ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस दिन को याद किया गया। लंदन के बकिंघम पैलेस में एक विशेष कार्यक्रम हुआ, जबकि कनाडा के गैंडर शहर की उदारता को याद किया गया, जिसने हमलों के तुरंत बाद डायवर्ट की गई उड़ानों के हजारों यात्रियों को शरण दी थी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 9/11 हमलों में कुल कितने लोग मारे गए थे?
उत्तर: हमलों के दौरान लगभग 3,000 लोग मारे गए थे, लेकिन बाद में जहरीले धुएं से संबंधित बीमारियों के कारण मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक हो गई है।
प्रश्न 2: 'ट्रिब्यूट इन लाइट' क्या है?
उत्तर: यह न्यूयॉर्क में दो शक्तिशाली बीम वाली लाइटें हैं जो रात के समय आसमान में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स की आकृति बनाती हैं।